Mahakumbh Mahashivratri Snan: दुनिया के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ (Mahakumbh 2025) का आज बुधवार को आखिरी दिन है. आज महाशिवरात्रि (Mahashivtarti) के पर्व पर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आखिरी पवित्र स्नान में शामिल होने के लिए त्रिवेणी संगम पर पहुंचे. वहीं, महाकुंभ के आखिरी स्नान पर सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) सुबह से ही मोर्चे पर डटे हुए हैं. सीएम आज सुबह 4 बजे से ही महाकुंभ की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और धिकारियों को जरूरी निर्देश दे रहे हैं.
कंट्रोल रूम से निरीक्षण कर रहे सीएम
महाशिवरात्रि के अवसर पर महाकुंभ में पवित्र अनुष्ठान में भाग लेने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. सीएम योगी आज सुबह से ही पल पल की अपडेट ले रहे हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक एक्स हैंडल ने एक पोस्ट में लिखा, “मुख्यमंत्री योगी नाथ जी महाराज आज महाकुंभ-2025, प्रयागराज में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पवित्र स्नान पर्व की व्यवस्थाओं का गोरखनाथ मंदिर स्थित कंट्रोल रूम से निरंतर निरीक्षण कर रहे हैं.”
सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में भगवान भोलेनाथ की उपासना को समर्पित महाशिवरात्रि के पावन स्नान पर्व पर आज त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने हेतु पधारे सभी पूज्य साधु-संतों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन! त्रिभुवनपति भगवान शिव और पुण्य सलिला माँ गंगा सभी का कल्याण करें, यही प्रार्थना है. हर हर महादेव!”
तीर्थयात्रियों की कुल संख्या 64.77 करोड़ तक पहुंची
महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ के अंतिम पवित्र स्नान के लिए संगम पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. 26 फरवरी 2025 तक महाकुंभ 2025 में 40 लाख से अधिक तीर्थयात्री आ चुके हैं. अकेले इस खास दिन पर 25.64 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान में हिस्सा लिया और अब तक पवित्र नदियों में स्नान करने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या 64.77 करोड़ तक पहुंच गई है.
तीर्थयात्रियों ने की व्यवस्थाओं की प्रशंसा
बड़ी संख्या में लोगों के आने के बावजूद, उत्तर प्रदेश सरकार ने सीएम योगी की निरंतर निगरानी के साथ यह सुनिश्चित किया है कि यह आयोजन सुचारू रूप से चले. तीर्थयात्रियों ने भी व्यवस्थाओं की प्रशंसा की है, जो इतने बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले आयोजन के प्रबंधन के लिए सरकार के प्रयासों को दर्शाता है.