Blue Ghost Lander : Firefly Aerospace के Blue Ghost लूनर लैंडर की 2 मार्च को ऐतिहासिक चंद्रमा लैंडिंग होने वाली है. लेकिन इससे पहले ही Blue Ghost करीब 100 किलोमीटर की ऊंचाई से चंद्रमा की अद्भुत तस्वीरें कैद की हैं. इस फोटोज में चंद्रमा की ऊबड़-खाबड़ और गड्ढों से भरी सतह को विस्तार से दिखा जा सकता है. ये दृश्य वैज्ञानिकों के लिए चंद्र भूविज्ञान को समझने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं.
दरअसल, 15 जनवरी 2025 को SpaceX Falcon 9 रॉकेट से लॉन्च हुआ था, जिसके बाद 13 फरवरी से ही चंद्रमा की परिक्रमा कर रहा है. वहीं, इसका लैंडिंग स्थल Mare Crisium, चंद्रमा की नजदीकी सतह का एक समतल क्षेत्र निर्धारित किया गया है.
चंद्रमा को समझने में मिलेगी मदद
बता दें कि Blue Ghost मिशन NASA के Commercial Lunar Payload Services (CLPS) प्रोग्राम का हिस्सा है. नासा के इस अभियान का मकसद 10 वैज्ञानिक उपकरणों को चंद्रमा की सतह पर पहुंचाना है. इस मिशन के जरिए प्राप्त तस्वीरें न सिर्फ Firefly Aerospace की तकनीकी क्षमता को दर्शाती हैं बल्कि चंद्रमा के उस हिस्से की झलक भी देती हैं जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता. इससे वैज्ञानिकों को चंद्रमा की संरचना को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी.
14 दिनों तक जारी रहेगा ये मिशन
वहीं, चांद पर Blue Ghost की सफल परिक्रमा और लैंडिंग की तैयारी चंद्रमा की खोज में नासा एक बड़ी उपलब्धि है. वैज्ञनिकों के मुताबिक, ये मिशन लगभग 14 पृथ्वी दिनों तक संचालित रहेगा और चंद्रमा की सतह की संरचना और सौर हवाओं के प्रभावों पर अहम जानकारियां इकट्ठा करेगा.
अंतरिक्ष एजेंसियों और प्राइवेट कंपनियों के बीच लगी होड़
हालांकि ‘Blue Ghost’ की लैंडिंग से कुछ घंटे पहले SpaceX ने Intuitive Machines के Athena लैंडर को चंद्रमा की ओर भेजा था. ये 2025 में Elon Musk की कंपनी की ओर से किया गया तीसरा लूनर मिशन था. हालांकि ‘Blue Ghost’ और Athena के अलावा जापानी कंपनी ISpace का Hakuto-R2 मिशन भी चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है. इससे ये साफ जाहिर होता है कि अंतरिक्ष एजेंसियों और प्राइवेट कंपनियों के बीच चंद्र अन्वेषण की होड़ तेज हो गई है.
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