आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2025 में घरेलू हवाई यातायात में 11.28% की वृद्धि हुई और यह 1.46 करोड़ (14.611 मिलियन) यात्रियों तक पहुंचा, जो पिछले साल के समान महीने के मुकाबले अधिक है. इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी 65.2% तक बढ़ गई, जबकि एयर इंडिया ग्रुप की हिस्सेदारी जनवरी में 25.7% तक घट गई.
आकासा एयर और स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी क्रमशः 4.7% और 3.2% तक बढ़ी. निर्देशक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कहा, “जनवरी 2025 में घरेलू एयरलाइनों द्वारा 146.11 लाख यात्रियों को परिवहन किया गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 131.30 लाख था, इस प्रकार वार्षिक और मासिक वृद्धि 11.28% रही.”
जनवरी में घरेलू एयरलाइनों का समग्र उड़ान रद्दीकरण दर 1.62% रहा, जिसमें सबसे अधिक रद्दीकरण Fly Big का 17.74% था, इसके बाद Fly91 (5.09%) और Alliance Air (4.35%) थे। DGCA द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इंडिगो ने 75.5% के साथ सबसे उच्चतम ऑन टाइम परफॉर्मेंस दर्ज किया, जबकि आकासा एयर का OTP 71.5% था.
एयर इंडिया ग्रुप का OTP 69.8%त था, जबकि अलायंस एयर का 57.6% और स्पाइसजेट का 54.8% था. OTP की गणना छह प्रमुख हवाई अड्डों– बैंगलोर, दिल्ली, हैदराबाद, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता पर की जाती है. जनवरी में उड़ान रद्दीकरण से 41,119 यात्री प्रभावित हुए और एयरलाइनों ने 46.46 लाख रुपये मुआवजे और सुविधाओं के रूप में खर्च किए. उड़ान विलंब से 1,78,934 यात्री प्रभावित हुए और एयरलाइनों ने 2.38 करोड़ रुपये सुविधाओं के रूप में भुगतान किए.