US Military Buildup: हाल के दिनों में डिएगो गार्सिया में अमेरिकी सैन्य विमानों की भारी आवाजाही देखी गई है, जो एक बड़े पैमाने पर हवाई हमले की संकेत दे रही है. अमेरिका इतिहास में इस आईलैंड को मिडिल ईस्ट में स्ट्राइक करने के लिए इस्तेमाल कर चुका है और अब फिर से ऐसा करने की संभावना है. डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से मध्य- पूर्व में सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद ऐसी गतिधियां बढ़ गई हैं, जिसमें यमन में हूती-नियंत्रित क्षेत्रों को निशाना बनाया गया.
तैनाती बढ़ा रहा अमेरिका
मध्य पूर्व के चारों ओर अमेरिका अपनी तैनाती बढ़ा रहा है और अपने घातक बॉम्बर तैनात कर रहा है. इससे मालूम होता है कि यमन के साथ ही ईरान पर भी हमला करने की प्लानिंग है. इसकी आंच पूरी मध्य पूर्व पर आ सकती है. यूएस ने यमन पर हमला करने के लिए डिएगो गार्सिया में अपने घातक हमलावर विमान तैनात किए हैं. सैन्य उड़ान ट्रैकिंग डेटा के ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) विश्लेषण के अनुसार, कम से कम 5 बी-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर और 7 सी-17ए ग्लोबमास्टर III परिवहन विमान सुदूर हिंद महासागर बेस पर पहुंच चुके हैं.
A significant buildup is happening in Diego Garcia
At least 5 USAF B-2 Spirits and 7 C-17A Globemaster IIIs have arrived over the last 3 days, or are currently en route to the island.
For reference: Diego Garcia is the red pin on the map. https://t.co/jLcWeqd24m pic.twitter.com/Ei3bpKHosm
— TheIntelFrog (@TheIntelFrog) March 25, 2025
यमन में अमेरिका के बढ़ सकते हैं हमले
यह ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने रविवार को पुष्टि की कि वाशिंगटन यमन के हूतियों पर तब तक हमला करता रहेगा जब तक कि लाल सागर में वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों पर वे अपना हमला बंद नहीं कर देते. हाल ही में एक अमेरिकी अधिकारी ने मीडिया को बताया कि हूती विद्रोहियों के खिलाफ अभियान कई हफ्तो तक चल सकता है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि डिएगो गार्सिया में बी-2 बॉम्बर की तैनाती हवाई अभियानों के संभावित विस्तार का संकेत है.
मध्य-पूर्व अमेरिका मचाने वाला है कोहराम!
इंटेलफ्रॉग ने के अनुसार, कम से कम 18 अमेरिकी वायु सेना केसी-135 टैंकर प्रशांत महासागर में ट्रैविस एएफबी (कैलिफोर्निया), डैनियल के. इनौये इंटरनेशनल एयरपोर्ट (हवाई) और एंडरसन एएफबी (गुआम) पर तैनात है. एक साथ कई ठिकानों पर इतने सारे टैंकरों की तैनाती बड़े पैमाने पर स्ट्राइक विमानों की तैनाती से पहले के जरूरी कदम को दर्शाती है.
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