प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बैंकॉक में थाईलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा को आंध्र प्रदेश से ले जाए गए मोर और दीया के साथ पीतल की उरली भेंट की. यह पारंपरिक पीतल शिल्प कौशल का एक उत्कृष्ट नमूना है, जो शुद्धता, सकारात्मकता और प्रचुरता का प्रतीक है.
पारंपरिक रूप से अनुष्ठानों और उत्सव की सजावट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इस उरली में अक्सर पानी, फूल या तैरती हुई मोमबत्तियाँ भरी होती हैं, जबकि दीया (तेल का दीपक) इसके आध्यात्मिक महत्व को बढ़ाता है। अपनी जटिल नक्काशी और बेहतरीन फिनिशिंग के लिए प्रसिद्ध यह कृति आंध्र प्रदेश की समृद्ध धातुकर्म विरासत को दर्शाती है. इसकी चमचमाती पीतल की पॉलिश एक शाही आकर्षण जोड़ती है, जो इसे पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह के अंदरूनी हिस्सों के लिए एक कालातीत जोड़ बनाती है.