Mahakumbh 2025: दुनिया के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ (Mahakumbh 2025) का आज बुधवार को आखिरी दिन है. आज महाशिवरात्रि (Mahashivtarti) के पर्व पर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आखिरी पवित्र स्नान में शामिल होने के लिए त्रिवेणी संगम पर पहुंचे. यहां श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई.
#WATCH | उत्तर प्रदेश | प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर महाकुंभ के अंतिम स्नान में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की जा रही है।
आज महाकुंभ मेला संपन्न हो गया है। pic.twitter.com/dX01FoFDpZ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 26, 2025
सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में भगवान भोलेनाथ की उपासना को समर्पित महाशिवरात्रि के पावन स्नान पर्व पर आज त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने हेतु पधारे सभी पूज्य साधु-संतों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन! त्रिभुवनपति भगवान शिव और पुण्य सलिला माँ गंगा सभी का कल्याण करें, यही प्रार्थना है. हर हर महादेव!”
विदेशी श्रद्धालुओं ने व्यक्त की अपनी भावनाएं
देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं, और कुछ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों ने भी अपने आध्यात्मिक अनुभव को लेकर खुशी जताई है. संगम पर पहली बार आई एक विदेशी श्रद्धालु ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, “हम अभी-अभी यहां पहुंचे हैं, लेकिन यह एक बहुत ही आध्यात्मिक और खास अनुभव है. मैंने कई त्योहारों में हिस्सा लिया है, लेकिन भारत सच में अनोखा है… मैं इसे शब्दों में नहीं कह सकती.” एक और महिला श्रद्धालु ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मैं बहुत धन्य और भाग्यशाली महसूस कर रही हूं कि मैं यहां आ सकी. यहां का माहौल बहुत अच्छा है और सब कुछ सही तरीके से हो रहा है.”
सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान
उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व में नगर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा है. प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजेश द्विवेदी ने महाशिवरात्रि स्नान की व्यवस्थाओं पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “आज महाकुंभ 2025 का आखिरी पवित्र स्नान है, जिसमें देशभर से श्रद्धालु आ रहे हैं. पवित्र स्नान के लिए बहुत बड़ी भीड़ जुटी है. तीर्थयात्री ट्रेन और निजी वाहनों से आ रहे हैं. आशीर्वाद लेने के लिए घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ है.”
श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ के बावजूद, सब कुछ सही तरीके से चल सके. इसके लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं. परिवहन से लेकर भीड़ नियंत्रण तक, सरकार ने हर किसी के लिए आध्यात्मिक अनुभव को आसान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.