सरकार द्वारा मंगलवार को दी गई जानकारी के मुताबिक, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से दिसंबर में 16.05 लाख सदस्य जुड़े हैं. इसमें मासिक आधार पर 9.69% का इजाफा देखने को मिला है. दिसंबर के प्रोविजनल पेरोल डेटा के विश्लेषण से पता चलता है कि सालाना आधार पर दिसंबर 2023 के मुकाबले दिसंबर 2024 में पेरोल में 2.74% की वृद्धि दर्ज की गई है.
यह दिखाता है कि देश में रोजगार के अवसर में लगातार इजाफा हो रहा है. दिसंबर 2024 में ईपीएफओ में करीब 8.47 लाख नए सब्सक्राइबर्स शामिल हुए. यह पिछले वर्ष की तुलना में 0.73% की सालाना वृद्धि को दर्शाता है. नए सब्सक्राइबर्स में इस उछाल का श्रेय रोजगार के बढ़ते अवसरों, कर्मचारी लाभों के बारे में बढ़ती जागरूकता और ईपीएफओ के सफल आउटरीच कार्यक्रमों को दिया जा सकता है.
श्रम और रोजगार मंत्रालय के मुताबिक, डेटा का एक मजबूत पहलू यह है कि18-25 आयु वर्ग के सदस्यों की हिस्सेदारी कुल जोड़े गए सदस्यों में अधिक रही है. दिसंबर में 18-25 आयु वर्ग के 4.85 लाख नए सब्सक्राइबर्स जुड़े हैं, जो दिसंबर 2024 में जोड़े गए कुल नए सब्सक्राइबर्स का 57.29% है. 18-25 आयु वर्ग के नए सब्सक्राइबर्स की संख्या में नवंबर की तुलना में 0.91% और दिसंबर 2023 की तुलना में 0.92% का इजाफा देखने को मिला है. लिंग आधारित पेरोल डेटा के विश्लेषण के मुताबिक, समीक्षा अवधि में जुड़े कुल सब्सक्राइबर्स में से 2.22 लाख महिला थी.
दिसंबर 2024 में लगभग 15.12 लाख सदस्य बाहर निकल गए और बाद में ईपीएफओ में फिर से शामिल हो गए. यह आंकड़ा पिछले महीने नवंबर की तुलना में 5.10% अधिक है. यह दिसंबर 2023 की तुलना में 25.76% की सालाना वृद्धि को भी दर्शाता है. राज्य-वार विश्लेषण से पता चला कि शीर्ष पांच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की शुद्ध पेरोल वृद्धि में लगभग 59.84% की हिस्सेदारी है. आंकड़ों से पता चलता है कि माह के दौरान शुद्ध पेरोल में 21.71% जोड़कर महाराष्ट्र सबसे आगे रहा.