टेलीकॉम सेक्टर में सरकार एक अहम कदम उठाने की योजना बना रही है, जिसके तहत एजीआर (Adjusted Gross Revenue) बकाए पर टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी राहत दी जा सकती है. इस राहत से सबसे अधिक फायदा कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) को होने की संभावना है.
2019 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल जैसी कंपनियों पर भारी बकाया है, जिसमें ब्याज और जुर्माने का बड़ा हिस्सा शामिल है. सूत्रों के मुताबिक सरकार 50 प्रतिशत ब्याज और 100 प्रतिशत जुर्माना माफ करने का प्रस्ताव विचाराधीन है, साथ ही जुर्माने पर ब्याज भी माफ करने का विचार हो रहा है.
यदि यह योजना लागू होती है, तो यह टेलीकॉम बिजनेस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा और इससे टेलीकॉम सेक्टर में दो प्रमुख प्राइवेट कंपनियों का दबदबा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. सूत्रों ने बताया कि अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो टेलीकॉम कंपनियों को 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय राहत मिलेगी. इसमें सबसे ज्यादा फायदा वोडाफोन आइडिया को मिलेगा. इस कंपनी पर सरकार का हजारों करोड़ रुपया बकाया है.
प्रस्तावित राहत के तहत वोडाफोन आइडिया का एजीआर बकाया 52,000 करोड़ रुपए से अधिक कम हो सकता है. वित्तीय रूप से मजबूत भारती एयरटेल को करीब 38,000 करोड़ रुपए और टाटा टेलीसर्विसेज को 14,000 करोड़ रुपए की राहत मिलेगी. रिलायंस जियो पर कोई एजीआर बकाया नहीं है. टाटा टेली अब रिटेल सर्विसेज नहीं देती है, बल्कि एंटरप्राइजेज मोबिलिटी सर्विसेज देती है.
बजट में हो सकती है घोषणा
वहीं, एक सूत्र ने बताया कि इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय, दूरसंचार विभाग और कैबिनेट सचिवालय सहित उच्चतम स्तर पर चर्चा की जा रही है। सरकार 1 फरवरी के बजट में इस उपाय की घोषणा करने के लिए काम कर रही है. टेलीकॉम इंडस्ट्री साल 2016 में रिलायंस जियो की एंट्री के बाद से कड़ी प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है.
अक्टूबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के रुख का समर्थन करते हुए टेलीकॉम कंपनियों पर 1.47 लाख करोड़ रुपए का एजीआर बकाया लगाया. इसमें 92,642 करोड़ रुपए लाइसेंस शुल्क और 55,054 करोड़ रुपए स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (SUC) शामिल थे. बकाया राशि का लगभग 75 प्रतिशत ब्याज, जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज था.