न्यूजीलैंड को भारतीय निर्यात में 62 प्रतिशत की हुई वृद्धि, पहली बार पहुंचा $600 मिलियन के पार

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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भारत के न्यूजीलैंड को निर्यात में 2019 के बाद से 62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो 2024 में पहली बार $600 मिलियन के पार पहुंच गया. हालांकि, कुल द्विपक्षीय व्यापार 24 प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर पुनः बातचीत से इसमें और इजाफा होने की संभावना है. न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन, जो 16 मार्च से भारत दौरे पर हैं, ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और कहा कि द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं. कोविड के बाद भारत व्यापार घाटे से व्यापार अधिशेष की स्थिति में आ गया। 2020 में $29 मिलियन का अधिशेष 2024 में $85 मिलियन हो गया.
खनिज ईंधन प्रमुख निर्यात वस्तु बन गया है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भी तेजी आई है. कुल व्यापार अब कुछ मुख्य उत्पादों पर अधिक केंद्रित हो गया है. 10 साल बाद भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत फिर से शुरू हो रही है, जिससे व्यापार में और तेजी आने की उम्मीद है. दौरे पर आए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लकसन ने 17 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और कहा कि “भारत-न्यूजीलैंड के व्यापार में जबरदस्त संभावनाएं हैं.”
साल 2015 से 2019 के बीच, भारत को न्यूजीलैंड के साथ व्यापार में $229.5 मिलियन का घाटा हो रहा था. लेकिन, कोविड के बाद परिदृश्य बदल गया। 2020 में भारत को $29 मिलियन का व्यापार अधिशेष हुआ, जो अगले तीन वर्षों में बढ़कर $132 मिलियन तक पहुंच गया. 2024 में यह अधिशेष $85 मिलियन रहा, क्योंकि न्यूजीलैंड से भारत का आयात भी बढ़ा. पहले भारतीय दवाएं न्यूजीलैंड को सबसे अधिक निर्यात की जाती थीं, लेकिन अब खनिज ईंधन भारत के कुल व्यापार का 13% हिस्सा बन गया है. इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा है, खासकर मोबाइल निर्माण में भारत की बढ़ती क्षमता के कारण.

व्यापार अब अधिक केंद्रित

2024 में भारत के शीर्ष 10 निर्यात उत्पादों ने कुल निर्यात में 56.2% का योगदान दिया, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 48 प्रतिशत था. वहीं, आयात की बात करें तो शीर्ष 10 उत्पादों का हिस्सा 87.5 प्रतिशत रहा, जो 10 साल पहले 89.9 प्रतिशत था. विश्लेषकों के मुताबिक, यदि मुक्त व्यापार समझौता सफल रहा, तो आने वाले वर्षों में भारत-न्यूजीलैंड व्यापार में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिल सकती है.
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