भारत की प्रमुख कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने FY2024-25 में 332,585 इकाइयों का रिकॉर्ड निर्यात किया है, जो पिछले वर्ष के आंकड़ों से 17.5 प्रतिशत अधिक है. मारुति सुजुकी ने इस उपलब्धि के साथ लगातार चौथे वर्ष भारत के नंबर 1 यात्री वाहन निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया है. मारुति सुजुकी ने इस दौरान अपने प्रमुख मॉडल जैसे फ्रोंक्स, जिम्नी, और बैलेनो की बिक्री बढ़ाई, जिनमें से स्विफ्ट और डिजायर भारतीय बाजार से हटाए गए.
कंपनी ने 5 सालों में अपने निर्यात को 2.4 गुना बढ़ाया है और अब देश के कुल वाहन निर्यात में उसका हिस्सा लगभग 43 प्रतिशत है. मार्च 2025 में, कंपनी ने कुल 192,984 इकाइयों की बिक्री दर्ज की, जिसमें से 153,134 इकाइयाँ घरेलू बाजार में बिकीं, जबकि 32,968 इकाइयाँ विदेशों में निर्यात की गई. इसके अलावा, कंपनी ने 1,795,259 इकाइयों की रिकॉर्ड घरेलू बिक्री के साथ कुल 2,234,266 इकाइयाँ बेचीं. इस उपलब्धि पर मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के एमडी और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा, “वित्तीय वर्ष 2024-25 हमारे लिए निर्यात के मामले में ऐतिहासिक रहा है.
भारत सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ विजन के तहत हमने 332,585 इकाइयों का रिकॉर्ड निर्यात किया. इससे हमारी स्थिति को और मजबूत किया है. हम खुश हैं कि हमारे विनिर्माण उत्कृष्टता ने वैश्विक विश्वास अर्जित किया है.” मारुति ने इस वर्ष जापान को फ्रोंक्स और जिम्नी 5-डोर का निर्यात भी शुरू किया और इन मॉडलों को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली. यह भारत के बढ़ते वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में कद को साबित करता है. कंपनी के निर्यात के आंकड़े दर्शाते हैं कि मारुति सुजुकी ने न केवल घरेलू बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति का विस्तार किया है.