दुबई: संदिग्ध अमेरिकी हवाई हमले में यमन में हूती विद्रोही नियंत्रित क्षेत्रों में कम से कम 6 लोग मारे गए हैं. हूती विद्रोहियों के संबंध में आंकड़े भी जारी किए गए हैं. आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान यमन में हमलों की संख्या में वृद्धि हुई है. अमेरिका की ओर से किए गए इन हमलों में कम से कम 67 लोग मारे गए हैं. हालांकि, अभी तक अभियान और उसके लक्ष्यों के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई है.
व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने हमलों की कुल संख्या 200 से अधिक बताई है. लेविट ने कहा, ‘‘इन हमलों के परिणामस्वरूप ईरान अविश्वसनीय रूप से कमजोर हो गया है और हमने देखा है कि हूती नेताओं को मार गिराया गया है.’’ हालांकि, हूती विद्रोहियों ने अभी तक अपने किसी भी नेता की मौत की बात स्वीकार नहीं की है. उधर अमेरिका ने भी किसी भी मारे गए विद्रोही नेता का नाम उजागर नहीं किया है. हालांकि, ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के लीक होने पर यह जानकारी सामने आई है कि विद्रोहियों के मिसाइल बल के एक नेता को निशाना बनाया गया था.
मालूम हो कि हाल ही में यमन के हूती विद्रोहियों ने अमेरिकी का एक ‘एमक्यू-9 रीपर ड्रोन’ मार गिराने का दावा किया था. हूती विद्रोहियों ने मारिब प्रांत में इस ड्रोन को गिराने का दावा किया था. मारिब प्रांत एक महत्वपूर्ण इलाका है, क्योंकि यहां तेल और गैस के बड़े अड्डे हैं.
अमेरिका हूती विद्रोहियों पर जारी रखेगा हमला
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया वेबसाइट ‘ट्रुथ सोशल’ पर हूतियों और उनके मुख्य संरक्षक ईरान पर निशाना साधते हुए लिखा था, ‘‘हूतियों के कई लड़ाके और नेता मारे जा चुके हैं. हम दिन-रात हूतियों पर हमले कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा बनी रहे और समुद्री मार्गों को खतरा ना हो.” ट्रंप ने कहा था कि हूती विद्रोहियों के आतंक का समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता के लिए खतरा बने रहने तक अमेरिका हूती विद्रोहियों पर हमले जारी रखेगा.