गाजा पट्टी: बृहस्पतिवार को तड़के हमास ने गाजा पट्टी में युद्ध विराम समझौते का पहला चरण समाप्त होने से कुछ दिन पहले, इजरायल द्वारा सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों को रिहा किए जाने के बदले में चार बंधकों के शवों को रेड क्रॉस को सौंप दिया. इजरायल के एक सुरक्षा अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि हमास ने बंधकों के शवों को रेड क्रॉस को सौंप दिया है.
इजरायल ने कहा कि ताबूतों को मिस्र के मध्यस्थों की मदद से इजरायली सीमा के जरिए पहुंचाया गया और पहचान की प्रक्रिया शुरू हो गई है. जब हमास ने बंधकों के शव सौंपे, लगभग उसी समय रेड क्रॉस का काफिला रिहा किए गए कई दर्जन फलस्तीनी कैदियों को लेकर इजरायल की ओफर जेल से निकला.
इससे पहले इजरायल की ओर से शनिवार को 600 से अधिक फलस्तीनी कैदियों को रिहा करना था, लेकिन उसने कहा कि सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों की रिहाई तब तक नहीं की जाएगी, ‘‘जब तक कि गाजा में बंधक बनाकर रखे गए और लोगों की रिहाई सुनिश्चित नहीं हो जाती तथा बंधकों को अपमानजनक तरीके से सौंपना’’ बंद नहीं किया जाता.
An Israeli security official says Hamas has handed to Red Cross the bodies of 4 Israelis who were held hostage in Gaza, reports AP
— Press Trust of India (@PTI_News) February 26, 2025
दरअसल, शनिवार को रिहा किए गए 6 बंधकों में से पांच को हमास के लोग भीड़ के सामने मंच पर लाए थे, जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया था. बंधकों को सौंपे जाने के इस तरीके की संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों ने निंदा की है. हमास ने फलस्तीनी कैदियों को रिहा करने में देरी को युद्ध विराम का गंभीर उल्लंघन बताया था और कहा था कि जब तक फलस्तीनियों को रिहा नहीं किया जाता, तब तक दूसरे चरण की वार्ता संभव नहीं है.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने बुधवार को कहा कि बंधकों के शवों को इस बार सौंपे जाने के दौरान कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा. इस अदला-बदली से युद्ध विराम के प्रथम चरण के तहत दोनों पक्षों के दायित्व पूरे हो जाएंगे. पहले चरण में हमास ने लगभग 2,000 फलस्तीनी कैदियों के बदले में 33 बंधकों को लौटाया, जिनमें आठ शव भी शामिल हैं.