पाकिस्तान: हिंसक हुआ अतिक्रमण हटाने का अभियान, 12 पुलिसकर्मी घायल

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

कराचीः अतिक्रमण हटाने का अभियान पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंसक हो गया है, जिससे अधिकारियों और भीड़ के बीच झड़प हो गई. इस झड़प में कम से कम 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए. ये झड़पें हैदराबाद शहर के कासिमाबाद इलाके में हुईं.

अधिकारियों को स्थानीय लोगों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जब वे एक सिंचाई चैनल को बहाल करने और जमीन पर 24 फुट चौड़ी सड़क बनाने के लिए अतिक्रमण और संरचनाओं को हटाने के लिए एक मजबूत पुलिस बैकअप के साथ पहुंचे थे.

अधिकारियों पर किया पथराव, गाड़ियों के शीशे टूटे
अतिक्रमित संरचनाओं के निवासियों ने अधिकारियों पर पथराव किया, जिससे कुछ सरकारी गाड़ियों के शीशे टूट गए. जब कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले छोड़े तो प्रदर्शनकारी भीड़ के लगभग 12 नागरिक भी घायल हो गए.

हैदराबाद के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) जैनुल आबिदीन मेमन ने हिंसा की पुष्टि की है. उन्होंने कहा, ‘भीड़ के साथ-साथ कुछ नागरिकों की तरफ से की गई हिंसा में लगभग 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए.’ उन्होंने कहा कि पिछले दिन मंगलवार की झड़प के बाद आज बुधवार को भी अभियान जारी था.

जाने क्या है पूरा मामला?
मालूम हो कि इस अभियान का नेतृत्व सिंचाई विभाग कर रहा है. मेमन के अनुसार,कासिमाबाद सहायक आयुक्त के सर्वेक्षण के मुताबिक, क्षेत्र में 350-400 अतिक्रमित संरचनाएं मौजूद थीं. निवासी एक अलग कहानी का दावा करते हैं, उनमें से कई ने आरोप लगाया है कि उन्होंने निर्मित संरचनाओं को दस लाख रुपये से अधिक में खरीदा है और मंथली यूटिलीटी बिल प्राप्त कर रहे हैं.

वहीं, एक व्यक्ति ने दावा किया कि अधिकतर निवासी 2010 से वहां रह रहे हैं. झड़पों के बाद अधिकारियों ने अतिक्रमित जमीन पर सेना बढ़ा दी है और क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति भी काट दी गई है.

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