लखीमपुर खीरीः बुधवार की सुबह उत्तर खीरी बफर जोन दुधवा टाइगर रिजर्व की पलिया रेंज में एक बाघिन ने हमला कर दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया. इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बाघिन की इस कदर पिटाई कर दी कि उसकी मौत हो गई. सूचना पर पहुंचे वनकर्मी बाघिन के शव को कब्जे में लेकर पलिया रेंज परिसर में लाए.
बाघिन के हमले से दो लोग गंभीर रूप से घायल
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र फुलवरिया में आज सुबह बाघिन ने हमला कर दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया. इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरकर लाठी-डंडे आदि से बाधिन की जमकर पिटाई कर दी. गंभीर रूप से घायल होने से बाघिन की मौत हो गई.
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी पलिया रेंज द्वारा स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस बल, विभागीय पशु चिकित्सा तथा रेंज के वनकर्मियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचा. बाघिन के शव को सुरक्षित कब्जे में लेकर पलिया रेंज परिसर में लाया गया.
दुधवा टाइगर रिज़र्व के उपनिर्देशक डॉ. रंगाराजू टी ने बताया
इस मामले की जानकारी देते हुए दुधवा टाइगर रिज़र्व के उपनिर्देशक डॉ. रंगाराजू टी ने बताया बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे ग्राम फुलवरिया गांव में बाघिन ने कई लोगों पर हमला कर घायल कर दिया. इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बाघिन को गांव में घेर कर हमला कर दिया. घायल बाघिन की मौत हो गई. सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पुलिस की मदद से बाघिन के शव को सुरक्षित कब्जे में लिया.
विभागीय पशु चिकित्सक द्वारा बाघिन का परीक्षण कर बताया गया कि यह एक अवयस्क बाघिन है, जिसकी मृत्यु हो चुकी है. क्षेत्रीय वन अधिकारी पलिया रेंज द्वारा अज्ञात अभियुक्त गणों के खिलाफ केस दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है.
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण भारत सरकार द्वारा प्रचलित मानक प्रचालन प्रक्रिया में निहित प्राविधानों के अनुसार बाघिन का अंतिम परीक्षण पशु चिकित्सकों के गठित पैनल द्वारा किया गया. तत्पश्चात विस्तृत परीक्षण के लिए बाघिन के आंतरिक अंगों का विसरा भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली भेजने के लिए सुरक्षित कर लिया गया. परीक्षणोंपरांत बाघिन के शव को उसके समस्त अंगों सहित पशु चिकित्सका अधिकारियों एवं साक्षियों की उपस्थिति में पलिया रेंज परिसर में जलाकर नष्ट कर दिया गया.
(रिपोर्ट, हर्ष गुप्ता)