मोदी सरकार के वक्फ संशोधन विधेयक की कल्कि धाम के पीठाधीश्वर और श्री कल्कि फाउंडेशन के संस्थापक आचार्य प्रमोद कृष्णम ने खूब सराहना की है. उन्होंने इसे राष्ट्रहित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय बताया और इसके विरोध करने वाले राजनेताओं को कठोर शब्दों में धिक्कारते हुए कहा कि ऐसा करना राष्ट्रद्रोह के समान है.
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, “राष्ट्र हित में लिये गये फ़ैसले का विरोध करना भी राष्ट्र द्रोह कहलाता है, इसलिए देश के सभी देशभक्त नेताओं का फ़र्ज़ है कि वो #WaqfBill #WaqfBillAmendment का खुले दिल से स्वागत करें.” उन्होंने इस ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पीएमओ इंडिया को टैग किया.
राष्ट्र “हित”
में लिये गये फ़ैसले का “विरोध”
करना भी राष्ट्र द्रोह कहलाता है, इस लिये देश के सभी “देशभक्त”
नेताओं का फ़र्ज़ है कि वो #WaqfBill #WaqfBillAmendment का खुले “दिल”
से स्वागत करने की कृपा करें. @PMOIndia @HMOIndia @narendramodi @AmitShah @RahulGandhi @yadavakhilesh…— Acharya Pramod (@AcharyaPramodk) April 5, 2025
उन्होंने विपक्षी नेताओं राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बैनर्जी और असदुद्दीन ओवैसी को भी ट्वीट में टैग किया, जो वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने इन नेताओं की विचारधारा को देश के भविष्य के लिए सही न बताते हुए अपनी राय स्पष्ट की.
वक्फ संशोधन विधेयक का संसद से पारित होना और अगला कदम
वक्फ संशोधन विधेयक को 3-4 अप्रैल 2025 के दरम्यान भारतीय संसद के दोनों सदनों से पारित किया गया. भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार के पास बहुमत होने के कारण विपक्ष इसे रोकने में असफल रहा. अब यह विधेयक राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के अनुमोदन के लिए भेजा गया है. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा.