Advantage Assam 2.0: पूर्वोत्तर राज्य असम लगातार तरक्की की दिशा में आगे बढ रहा है. ऐसे में ही आज राज्य में ‘एडवांटेज असम 2.0 इंवेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर समिट 2025’ की शुरुआत हो गई है, जिसका उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों हुआ है. इस मौके पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा भी मौजूद रहे.
नेताओं के अलावा, इस बिजनेस समिट में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी, अडाणी ग्रुप के गौतम अदाणी, जेएसडब्ल्यू ग्रुप के सज्जन जिंदल, एस्सार के प्रशांत रुइया, वेदांता के अनिल अग्रवाल जैसे बड़े और दिग्गज उद्योगपति शामिल हुए.
1 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे अंबानी-अडाणी
दरअसल, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी राज्य में भारी-भरकम निवेश करने जा रहे हैं, देश के दोनों उद्योगपति मिलकर असम में कुल 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे.
मुकेश अंबानी ने मां कामाख्या से मांगा आशीर्वाद
वहीं, असम के गुवहाटी में आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज अगले 5 सालों में असम में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि एडवांटेज असम समिट में एक बार फिर शामिल होना सम्मान की बात है. मुकेश अंबानी ने अपना संबोधन शुरू करने से पहले, मैं ऊर्जा और सृजन की देवी मां कामाख्या से प्रार्थना करना चाहता हूं कि वे न केवल असम में बल्कि पूरे भारत को आशीर्वाद दें.”
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में असम टेक्नोलॉजी का स्वर्ग बनेगा. पूरी दुनिया असम को विकास के मौकों की धरती के रूप में देखेगी. असम के तकनीक प्रेमी युवा AI को नया अर्थ देंगे- Assam Intelligence.
इन प्रोजेक्टों पर निवेश करेगा अडाणी ग्रुप
वहीं अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने भी असम में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि ”अडाणी ग्रुप असम में एयरपोर्ट, एयरोसिटी, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसमिशन, सीमेंट और रोड प्रोजेक्ट्स में निवेश करेगा.
बता दें कि इस कार्यक्रम में 61 देशों के राजदूतों के साथ-साथ भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, इंडोनेशिया और जापान जैसे साझेदार देशों के उच्च स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं.
इसे भी पढें:-India-Bangladesh: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर बरसे एस जयशंकर, कहा- ‘रोज कोई न कोई उठकर…’