Delhi Budget 2025: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने विधानसभा में ऐलान किया कि 2025-26 का दिल्ली का बजट 1 लाख करोड़ रुपये का है (Delhi Budget 2025). सीएम ने पिछली सरकार की नाकामियां गिनाते हुए कहा, “यह बजट पिछले साल की तुलना में 31.5 प्रतिशत ज्यादा है. जहां साल दर साल बजट बढ़ने की बजाय घटा, जीडीपी की दर कम रही, प्रति व्यक्ति आय देश की तुलना में कम गति में बढ़ी.”
इस बार दिल्ली का बजट ऐतिहासिक
सीएम रेखा ने कहा- मैं आपके माध्यम से दिल्ली की जनता को ये बताना चाहती हूं कि आज तक की सरकारों के राज में 2023 में 78 हजार 800 करोड़ का बजट था. 24-25 का बजट घटकर सिर्फ 76 हजार करोड़ रह गया. ये दिल्ली में सबसे खराब स्थिति थी. इस बार का दिल्ली का बजट एक लाख करोड़ रुपये का है. ये ऐतिहासिक है. सीएम ने कहा कि मैं बजट पेश कर रही हूं. आज का बजट साधारण नहीं है. दिल्ली की जनता और पूरा देश सदन के माध्यम से बजट सुन रहा है. दिल्ली की नई सरकार ऐतिहासिक जनादेश लेकर यहां आई है. इस सरकार का पहला बजट कैसा होगा, आज यहां पूरा देश देख रहा है. ये बजट पिछले 10 साल से बेहाल हुई दिल्ली को संभालने का पहला कदम है.
अब आपदा सरकार के दिन चले गए हैं
सीएम रेखा ने आगे कहा, “यह बजट पिछले साल की तुलना में 31.5 प्रतिशत ज्यादा है. जहां साल दर साल बजट बढ़ने की बजाय घटा, जीडीपी की दर कम रही, प्रति व्यक्ति आय देश की तुलना में कम गति में बढ़ी. राजस्व शराब घोटाला, जल माफिया के चलते सरकारों को नहीं मिल रहा था. अब आपदा सरकार के दिन चले गए हैं. इस ऐतिहासिक बजट में कैपिटल एक्सपेंडीचर को दोगुनी बढ़ोतरी दी गई है. पिछली बार 15 हजार करोड़ की तुलना में 28 हजार करोड़ का आवंटन कैपिटल एक्सपेंडीचर में किया गया है.”
पिछली सरकार विकास के हर पहलू में विफल रही
मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी की नाकामियां गिनाते हुए कहा, “पिछली सरकार विकास के हर पहलू में विफल रही. यमुना गंदी थी, सड़कें क्षतिग्रस्त थीं, वायु प्रदूषण बहुत अधिक था. दिल्ली जल बोर्ड, डीटीसी घाटे में थी. गंदा पानी और ओवरफ्लो सीवर दिल्ली की पहचान बन गए थे.”
27 मार्च को होगी बजट पर बहस
बता दें, भाजपा सरकार 26 साल बाद बजट 2025-26 पेश कर रही है. इस पर विस्तार से चर्चा 26 मार्च को होगी. सभी विधायक सरकार की योजनाओं और नीतियों पर अपनी राय विधानसभा में व्यक्त करेंगे. वहीं, 27 मार्च को विधानसभा में बजट पर बहस के बाद वोटिंग होगी. मुख्यमंत्री लगातार कहती रही हैं कि ‘विकसित दिल्ली’ का बजट लोगों का बजट है. दिल्ली सरकार को ईमेल और वॉट्सएप के जरिए बजट पर जनता से 10 हजार से ज्यादा सुझाव मिले हैं.