Republic Day: गणतंत्र दिवस परेड में ‘मेड-इन-इंडिया’ हथियार प्रणाली का प्रदर्शन करेगी भारतीय सेना, इन स्वदेशी हथियारों पर होगी नजर

Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Shivam
Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Republic Day: भारतीय सेना राष्ट्रीय राजधानी में आगामी गणतंत्र दिवस परेड में ‘मेड-इन-इंडिया’ हथियार प्रणालियों और प्लेटफार्मों का प्रदर्शन करेगी. एलसीएच प्रचंड हेलिकॉप्टर, पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर और नाग एंटी-टैंक मिसाइलें इस साल के जश्न का मुख्य आकर्षण होंगी.

एलसीएच प्रचंड और नाग मिसाइल सिस्टम होगा मुख्य आकर्षण
एलसीएच प्रचंड एचएएल द्वारा डिजाइन और निर्मित पहला स्वदेशी मल्टी-रोल कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है. इसमें शक्तिशाली जमीनी हमले और हवाई युद्ध करने की क्षमता है. जहाज पर मौजूद उन्नत नेविगेशन प्रणाली, नज़दीकी लड़ाई के लिए तैयार बंदूकें और शक्तिशाली हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें एलसीएच को आधुनिक युद्धक्षेत्र के लिए विशेष रूप से अनुकूल बनाती हैं. नाग मिसाइल को डीआरडीओ द्वारा दिन और रात की स्थितियों में अत्यधिक मजबूत दुश्मन टैंकों से निपटने के लिए विकसित किया गया है. मिसाइल में समग्र और प्रतिक्रियाशील कवच से लैस सभी एमबीटी को हराने के लिए निष्क्रिय होमिंग मार्गदर्शन के साथ “फायर एंड फॉरगेट” “टॉप अटैक” क्षमताएं हैं. नाग मिसाइल वाहक NAMICA उभयचर क्षमता वाली BMP II आधारित प्रणाली है.

अन्य हथियार प्रणालियों का भी होगा प्रदर्शन
सेना के अधिकारीयों के अनुसार, परेड में भारतीय उद्योग द्वारा निर्मित नवीनतम बख्तरबंद वाहनों और विशेषज्ञ वाहनों का भी प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन मुख्य अतिथि होंगे. हथियार प्रणालियों में टी-90 टैंक, बीएमपी-2 पैदल सेना लड़ाकू वाहन, सी, ड्रोन जैमर, उन्नत सर्वत्र पुल, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल लांचर और मल्टी-फंक्शन रडार भी शामिल होंगे . इसके अलावा डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया स्वाथी और पिनाका रडार को भी परेड में प्रदर्शित किया जाएगा.

ये भी पढ़े: US: सोमालिया के तट पर अमेरिकी नौसेना के दो नाविक हुए लापता, तलाश जारी

Latest News

लैंड करते ही नेतन्याहू हो जाते गिरफ्तार, अगर हंगरी ने नहीं किया होता ये काम

Hungary: हंगरी ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय की सदस्यता छोड़ने का फैसला किया है. दरअसल, हंगरी सरकार द्वारा जारी एक...

More Articles Like This