प्रयागराजः CM योगी ने कहा- प्रदेश में नहीं रह सकते भू माफिया, नहीं चलेगी माफियागिरी

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

प्रयागराज:  गुरूवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रृंगवेरपुर धाम पहुंचे. उन्होंने प्रभु श्रीराम और निषादराज की मित्रता का स्मरण दिलाया. इसी के साथ संदेश दिया कि आज उसी तरह निषादराज पार्टी और भाजपा में मित्रता देखने को मिल रही है. महाकुंभ की सफलता और प्रयागराज को मिली वैश्विक पहचान के लिए प्रयागराजवासियों को श्रेय दिया. उन्होंने कहा कि इसी पहचान को आगे बढ़ाने के लिए जहां कहीं भी आवश्यकता पड़ेगी, डबल इंजन की सरकार खड़ी मिलेगी.

विरोधियों पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारें नहीं चाहती थीं कि पौराणिक शहर को पहचान मिले. उनके लिए अपना वोट बैंक है, निषादराज की पौराणिक भूमि पर भी कब्जे की साजिश. जब हम महाकुंभ का आयोजन करने जा रहे थे, तो कुंभ की भूमि को भी वक्फ की भूमि बता दिया? भू माफिया प्रदेश में नहीं रह सकते. प्रदेश में माफियागिरी नहीं चलेगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये बातें श्रृंगवेरपुर धाम में आयोजित निषादराज गुह्य की जयंती पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कही. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सीएम ने कहा कि हम पीएम मोदी और अमित शाह के प्रति आभारी हैं. वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित हो गया, आज राज्यसभा में पारित होगा. रास्ता अवश्य बनेगा. आखिर प्रयागराज में कोटि-कोटि श्रद्धालु श्रद्धा से सिर नवाता है. यहां के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ करते थे. उसका अपहरण कर मार दिया जाता था? अब यह नहीं चेलगा. सरकार जीरो टालरेंस के साथ अपना काम कर रही है.

सीएम ने किया 579 करोड़ रुपये की 181 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने 579 करोड़ रुपये की 181 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया. इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक तथा प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया. कहा कि आज यहां पर निषादराज परंपरा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए 580 करोड़ की योजना की सौगात देने आया हूं. प्रयागराज का मतलब महामिलन स्थल. गंगा-यमुना और सरस्वती का संगम. यहां निषादराज और भगवान राम के मिलन का भी संगम भी हुआ.

महाकुंभ ने बहुत कुछ दे दिया: सीएम

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महाकुंभ ने बहुत कुछ दे दिया प्रदेश, देश और सनातन धर्मावलिबंयों को. इतना बड़ा आयोजन रामभक्त ही कर सकते हैं. इसके लिए राष्ट्रनिष्ठा चाहिए. जिनके मन में राष्ट्र के प्रति समर्पण नहीं, वह इतना बड़ा आयोजन नहीं कर सकता. कहीं भी जाएंगे कि मैं प्रयागराज से आया हूं, लोग सिर-आंखों पर बैठाने का काम करेंगे. सम्मान और पहचान मिल गई, इससे बढ़कर कुछ नहीं होता.

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