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The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Andhra Pradesh: तेलुगु अभिनेता और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता पोसानी कृष्ण मुरली को आंध्र प्रदेश पुलिस ने सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू, डिप्टी सीएम पवन कल्याण और मंत्री नारा लोकेश के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में हैदराबाद से अरेस्ट कर लिया है. बुधवार की रात आंध्र प्रदेश पुलिस की एक टीम ने हैदराबाद के रायदुर्ग क्षेत्र स्थित माय होम भुजा अपार्टमेंट्स में स्थित उनके आवास से पोसानी को अरेस्ट किया.
अभिनेता पोसानी कृष्ण मुरली ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई. पुलिस टीम द्वारा उन्हें सड़क मार्ग से आंध्र प्रदेश ले जाया गया. जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों में विभिन्न जिलों की पुलिस ने पोसानी के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं. नवंबर 2024 में, आंध्र प्रदेश में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की युवा शाखा तेलुगु युवथा के नेता बंडारू वामसीकृष्णा की शिकायत पर पोसानी के खिलाफ मामला दर्ज किया.
शिकायतकर्ता ने कहा कि पोसानी ने पिछले साल सितंबर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ झूठे आरोप लगाए और अपमानजनक टिप्पणियां कीं. उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेता की टिप्पणियों ने मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल किया. पोसानी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111, 196, 353, 299, 341, 336 (3) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
इससे पहले कुछ टीडीपी नेताओं की शिकायत पर पोसानी के खिलाफ कडप्पा जिले में रिम्स पुलिस स्टेशन में उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और आईटी मंत्री नारा लोकेश के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने का मामला दर्ज किया गया था.
अपमानजनक कंटेंट पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई
राजमुंदरी में जन सेना नेताओं ने भी पवन कल्याण और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए पोसानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. अभिनेता के खिलाफ कडप्पा, चित्तूर, तिरुपति, अनंतपुर, पलनाडु और बापटला में मामले दर्ज किए गए थे.
टीडीपी, जन सेना और भाजपा की गठबंधन सरकार YSRCP के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं और उसके समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जिन्होंने वाईएसआरसीपी के सत्ता में रहने के दौरान टीडीपी और जन सेना नेताओं के खिलाफ अपमानजनक कंटेंट पोस्ट की थी. चंद्रबाबू नायडू, पवन कल्याण और लोकेश के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने के लिए विवादास्पद फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा के खिलाफ भी इसी तरह के मामले दर्ज किए गए थे.