केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने लोकसभा से वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने पर कांग्रेस सहित विपक्ष को निशाने पर लिया है. उन्होंने कहा, सरकार सदन में जो कुछ पेश करती है, विपक्ष को असंवैधानिक लगता है. चिराग पासवान ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, मोदी सरकार कुछ भी लेकर आती है, उनके (विपक्ष) लिए वह काला दिन हो जाता है, इसी तरह से ये काला दिन सीएए और आर्टिकल-370 के दिन भी आया था.
इसी तरह 2024 का लोकसभा चुनाव काले दिन के तौर पर था, क्योंकि आरक्षण उसमें हम लोग छिन रहे थे. संविधान की हत्या कर रहे थे. सिर्फ झूठ बोलना, गलत नैरेटिव सेट करना और लोगों में डर की स्थिति पैदा करना, विपक्ष की बस यही भूमिका रह गई हैच्. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आगे कहा, विपक्ष के कितने नेता थे, जो तथ्यों पर बात कर रहे थे. अधिकांश नेताओं ने सिर्फ भ्रम फैलाने का प्रयास किया कि मुसलमानों के विरोध में ये बिल लाया जा रहा है. उनकी जमीन छिन ली जाएगी. सिस्टम में अगर पारदर्शिता ला रहे हैं, तो किसकी जमीन छिनी जाएगी. प्रणाली को यदि मजबूत बनाया जा रहा है या सशक्त बनाया जा रहा है,
महिलाओं के अनुकूल बनाया जा रहा है तो उन्हें (विपक्ष) चिंता क्यों हो रही है?, जो इसके ठेकेदार बने हुए हैं, जिन्होंने इसे भ्रष्टाचार का अड्डा बनाकर रखा हुआ है, उनका चिंतित होना स्वाभाविक है. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए चिराग पासवान ने कहा, उनसे चीजें छिनकर गरीब मुसलमानों में बंटेंगी, इसलिए उन्होंने डर का माहौल बनाया. अगर कांग्रेस को इस विषय की इतनी ही चिंता थी तो विपक्ष के नेता सदन में खुद इस पर बोलते, लेकिन जब चर्चा हो रही थी तो नेता प्रतिपक्ष खुद सदन से गायब थे. देर रात जब मणिपुर पर चर्चा हुई तो उस वक्त भी ये लोग गायब थे. विपक्ष ने आज तक किसी भी मुद्दे पर तथ्यों के साथ बात नहीं की है.