Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, मनुष्य जन्म का फल क्या है? मनुष्य जन्म का फल है भगवान की प्राप्ति। मानव धर्म के प्रणेता श्रीमनुजी महाराज व्याकुल होकर कहते हैं- श्रीरामचरितमानस में वर्णन आता है।
होय...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भक्तमाल की गंध को लेत भक्त अलिआय।भेंक विमुख ढ़िग ही बसें रहें कीच लपटाय।।
भक्त कौन है? भक्त की उपमा भ्रमर से दी गयी है। सरोवर में कमल खिलता है,...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, न यत्र वैकुण्ठकथासुधापगा, न साधवो भागवतास्तदाश्रयाः। न यत्र यज्ञेशमखा महोत्सवाः, सुरेशलोकोऽपि न वै स सेव्यतां।। भारत की भूमि स्वर्ग से भी श्रेष्ठ है- श्रीमद् भागवत महापुराण में देवता का...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, हम लोग बड़े भाग्यशाली हैं, हम सबका जन्म पवित्र धरा पर हुआ। ऋषि मुनियों की तपस्थली भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण की प्राकट्य भूमि, पवित्र भारतवर्ष में हम सबका जन्म...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जद्यपि सम नहिं राग न रोषू। गहहिं न पाप पुण्य गुन दोषू।।तदपि करहिं सम विषम बिहारा। भगत अभगत ह्रदय अनुसारा।।मानत सुख सेवक सेवकाई। सेवक वैर वैरु अधिकाई।।
संत सेवा को...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, तीर्थगुरु श्रीपुष्करराजजी में निवास करने की भी बहुत महिमा है। भक्ति के चार चरण हैं - नाम, रूप, लीला, धाम। भगवान का नाम जपना भक्ति का एक चरण है।...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, दुष्करं पुष्करं दानं- दान की महिमा तो सर्वत्र है लेकिन पुष्कर में दान की बहुत अधिक महिमा है। धर्म शास्त्रों में धर्म के चार चरण बताये गये हैं, सत्य,...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, पुष्कर तीर्थ में तप की बहुत महिमा है। सभी धर्म शास्त्रों में तीर्थगुरु पुष्कर की महिमा का वर्णन किया गया है। कोई ऐसे ऋषि महर्षि नहीं हुए, जिन्होंने पुष्कर...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, तीर्थगुरु पुष्कर की यात्रा करना बड़े सौभाग्य की बात है लेकिन बिना पुण्य के हम पुष्कर दर्शन नहीं कर पाते हैं। एक बार भगवान श्रीकृष्ण पाण्डवों की सभा में...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, तीर्थगुरु पुष्कर की महिमा- हम लोग सबसे पहले सम्पूर्ण लोकों के स्वामी जगतपति श्री भगवान को नमस्कार करते हैं। जो भगवान प्रधानतत्व (प्रकृति तत्व) के वेत्ता है तथा जगत...