Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, धर्माय यशसेऽर्थाय कामाय स्वजनाय च। पञ्चधा विभजन्वित्तमिहामुत्र च मोदते।। भगवान व्यास श्रीमद्भागवत महापुराण वामन अवतार के कथा प्रसंग में कहते हैं। अगर व्यक्ति इस लोक और परलोक दोनो जगह...
Rajasthan CM Oath Ceremony: भजनलाल शर्मा ने राजस्थान के सीएम पद के तौर आज शपथ ली. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत मौजूद रहे....
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, नाघं प्रजेश बालानां वर्णये नानुचिन्तये। देवमायाभिभूतानां दण्डस्तत्र धृतो मया।। जब किसी के अघ अर्थात पाप का मुक्त कंठ होकर हम किसी दूसरे के सामने वर्णन करते हैं तो उसके...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, श्रीशुकदेवजी के अवतरण से लेकर श्रीशुकदेवजी का राजा परीक्षित के सभा में आगमन का दर्शन करने से स्पष्ट हो जाता है कि श्रीशुकदेवजी के जीवन में भक्ति, ज्ञान और...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, कई लोग प्रश्न करते हैं कि हम तो प्रत्यक्ष को ही प्रमाण मानते हैं। क्या आपने भगवान को देखा है? संत कहते हैं- श्री गिरिराज जी महाराज प्रत्यक्ष भगवान हैं।...
IRCTC Tour Package: राजस्थान को राजा-महाराजाओं की नगरी कहा जाता है. यहां घूमने का सबसे बेस्ट सीजन सर्दियों का होता हैं. अगर आप नए वर्ष में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो राजस्थान जा सकते है. क्योंकि...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, भगवान शिव के सिर पर गंगा जी विराजमान है। भगवती भागीरथी गंगा भक्ति स्वरूपा हैं। शिव भक्ति मार्ग के आचार्य हैं। भगवान शिव साक्षात भगवान है, लेकिन स्वयं अपने...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, द्वादश ज्योतिर्लिंग का दर्शन पूजन अथवा घर बैठे उनका स्मरण कर लेना, एकादश रुद्र और द्वादश ज्योतिर्लिंग का स्मरण विशेष फलदायी है. द्वादश ज्योतिर्लिंग - वर्ष में बारह मास...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, समस्त तीर्थो की यात्रा करने से जो फल मिलता है. द्वादश ज्योतिर्लिंग की यात्रा से गंगा आदि नदियों के स्नान से जो फल मिलता है, वह सब फल माता-पिता...
Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा, जल हमारे जीवन के लिए अति आवश्यक है, जल ही जीवन है. परन्तु इसके तीन रूप हैं, बर्फ पानी और वाष्प. भगवान शंकर में यह तीनों रूप दिखाई पड़ता...