America Air Strike: सीरिया में विद्रोहियों के आंतक से परेशान होकर सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़कर मॉस्को पहुंचे है, जहां रूस ने उन्हें शरण दी है. असद के देश छोड़कर जाते ही विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन में लुटपाट की और राजधानी दमिश्क कि साथ ही राष्ट्रपति बशर अल-असद के आलीशान महल पर कब्जा कर लिया है.
ISIS को उभरने से रोकना अमेरिका का मकसद
वहीं, अमेरिका द्वारा विद्रोहियों के कब्जे के बीच सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकानों पर कई हवाई हमले किए गए हैं. दरअसल, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, उसके सुरक्षा बलों ने रविवार को मध्य सीरिया में इस्लामिक स्टेट के ठिकानों पर दर्जनों हवाई हमले किए, जिसका मकसद युद्धग्रस्त देश में इस्लामिक स्टेट के फिर से उभरने को रोकना है.
75 से अधिक किए गए हवाई हमले
इस अमेरिकी ऑपरेशन में B-52, F-15 और A-10 समेत कई अमेरिकी वायु सेना के बलों का इस्तेमाल करके 75 से अधिक टार्गेट पर हमला किया गया है. जानकारी के मुताबिक, सीरिया में ISIS के बढ़ते वर्चस्व को रोकने के लिए आगे भी अमेरिका सीरिया में हमला जारी रखेगा.
ISIS को मिलेगा करारा जवाब
इसी बीच जनरल माइकल एरिक कुरिल्ला ने कहा कि हम ISIS को पुनः संगठित होने और सीरिया में मौजूदा समय के स्थिति का लाभ उठाने की अनुमति नहीं देंगे, इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए. सीरिया में सभी संगठनों को मालूम होना चाहिए कि अगर वो किसी भी तरह से ISIS के साथ साझेदारी करते हैं या उसका समर्थन करते हैं तो हम उन्हें करारा जवाब देंगे.
विद्रोहियों ने कैदियों को रिहा कराया
बता दें कि सीरियाई राष्ट्रपति के देश छोड़कर भागते ही विद्रोहियों ने सैकड़ों कैदियों को रिहा कर दिया, जो असद के शासन के दौरान दशकों से जेल में बंद थे. इस दौरान कुछ लोगों ने जश्न भी मनाया और कई दुकानों में तोड़फोड़ भी की. इतना ही नहीं, सीरिया के विभिन्न हिस्सों में असद और उनके परिवार के पोस्टर, बैनर और मूर्तियों को गिरा दिया गया.
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