China: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के तमाम देशों के खिलाफ टैरिफ का ऐलान कर दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ का ऐलान करते हुए कहा कि यह मुक्ति दिवस है, एक ऐसा दिन जिसका हम लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. ट्रंप के टैरिफ नीति से कई देश प्रभावित हुए हैं. ट्रंप के निशाने पर कनाडा, मेक्सिको जैसे अमेरिका के पड़ोसी देश हैं तो चीन और भारत जैसे एशियाई देशों पर भी वह आक्रामक हैं. वहीं ट्रंप की टैरिफ नीति से पार पाने के लिए चीन ने अब अपने पड़ोसी देशों की ओर हाथ बढ़ाया है. चीन ने भारत, जापान और दक्षिण कोरिया से सहयोग बढ़ाने की पहल की है. ऐसा कर वह ट्रंप के फैसलों का इस्तेमाल अपने हित में करने का प्रयत्न करते दिख रहा है.
संयुक्त मोर्चा बनाने की कोशिश में चीन
फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति से दुनियाभर में आर्थिक और व्यापारिक नीतियों में बदलाव आने की संभावना स्पष्ट दिख रही है. चीन इस स्थिति में एशियाई देशों के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करते हुए एक संयुक्त मोर्चा बनाने की कोशिश में लगा है. चीन ने भारत, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर काम करने के ओर कदम बढ़ाए हैं.
भारत से ज्यादा सामान खरीदेगा चीन!
चीन ने भारत से ज्यादा सामान खरीदने की इच्छा जाहिर की है. चीन ऐसा इसलिए कर रहा है क्योंकि अमेरिका के साथ व्यापार महंगा हो सकता है. दुनियाभर में आर्थिक चिंताओं के बीच चीन इस मौके का फायदा उठाकर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करता दिख रहा है. चीन ट्रंप की टैरिफ नीति के चलते उत्पन्न उथल-पुथल का इस्तेमाल अपने पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के लिए कर रहा है.
भारत में चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने कहा है कि हम व्यापार और अन्य क्षेत्रों में भारत के साथ मिलकर काम करने और भारतीय उत्पादों को चीन में आयात करने के लिए तैयार हैं. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी भारत के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने की बात कही है. दोनों देशों के बीच बॉर्डर पर तनाव कम करने की कोशिश भी हो रही है, जिससे व्यापार के लिए बेहतर माहौल मिल सके.
पांच साल में तीन देशों की पहली बैठक
बता दें कि चीन ने भारत के अलावा जापान और दक्षिण कोरिया के साथ भी संबंध बढ़ाए हैं. पांच साल में पहली बार चीन, दक्षिण कोरिया और जापान ने रविवार को अर्थव्यवस्था पर बैठक की है. चीनी मीडिया के मुताबिक, तीनों देश ट्रंप के शुल्क के प्रभाव को मिलकर कम करने पर राजी हुए हैं. जापान और दक्षिण कोरिया ने चीन से सेमीकंडक्टर का कच्चा माल आयात करने की सहमति जताई है.
चीन जिस तरह से एशियाई देशों तक पहुंच रहा है, उससे पता चलता है कि बीजिंग ट्रंप की नीतियों से बदली स्थिति में अपनी वैश्विक छवि और प्रभाव बढ़ाने के लिए काम कर रहा है. ट्रंप ने अब तक जो कदम उठाए हैं, उससे एक खाली जगह बन गई है. इसे चीन तेजी से भरने चाहता है. चीन की कोशिश भारत, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर एक ऐसा मोर्चा बनाने की है, जो अमेरिका के विरुद्ध खड़ा हो सके.
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