अमेरिका दौरे पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों, डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक को बताया टर्निंग पॉइंट

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

French President Emmanuel Macron: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका का दौरा किया. मैक्रों ने रूस-यूक्रेन शांति वार्ता के दौरान यूएस के यूरोपीय देशों के पक्ष में खड़े होने के लिए अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मनाने के लिए यह दौरा किया. लेकिन उन्हें इस दौरे में अभी तक ट्रंप प्रशासन की ओर से कोई पुख्‍ता आश्वासन नहीं मिला है. हालांकि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बैठक को टर्निंग पॉइंट बताया है.

ट्रंप को यूरोपीय देशों के पक्ष में लाने की कोशिश

डोनाल्ड ट्रंप के फिर से राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका आने वाले मैक्रों पहले यूरोपीय नेता हैं. फ्रांसीसी राष्‍ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप से अपील की कि रूस के साथ यूक्रेन पर युद्धविराम समझौते पर बात करते हुए वे कमजोर न लगें. मालूम हो कि अमेरिका ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में यूक्रेन के प्रस्ताव के खिलाफ रूस के समर्थन में वोटिंग की है.

दरअसल, यूक्रेन ने रूसी हमले की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पेश किया था और रूस से यूक्रेन से तुरंत अपने सैनिक वापस बुलाने की मांग की थी. यूरोपीय देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन अमेरिका ने अपनी पुरानी नीतियों के विपरीत जाकर रूस के समर्थन में अपना मत दिया.

यूक्रेन के मुद्दे पर अमेरिका-यूरोपीय देशों में उभरे मतभेद

फ्रांस के राष्ट्रपति के अमेरिका दौरे से यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच यूक्रेन के मुद्दे पर मतभेद भी खुलकर देखने को मिले हैं. दरअसल जब मैक्रों और ट्रंप मीडिया से बात कर रहे थे तो उस दौरान यूक्रेन को दी गई आर्थिक मदद को लेकर सवाल किया गया तो ट्रंप ने दावा किया गया यूरोप ने यूक्रेन को जो आर्थिक सहायता दी, वह उधार के तौर पर दी गई और यूरोप यूक्रेन से अपना पैसा वापस भी ले रहा है.

इस पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने डोनाल्‍ड ट्रंप का हाथ पकड़कर उनकी बात काटी और कहा कि यूरोप ने यूक्रेन की आर्थिक मदद की है. यूक्रेन को दी गई कुल आर्थिक मदद में से 60 प्रतिशत पैसा यूरोपीय देशों ने दिया है. मैक्रों ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने आर्थिक मदद कर्ज के तौर पर दी है. इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि ‘यूक्रेन के लिए जो शांति प्रस्ताव तैयार हो रहा है, उसमें यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी होनी चाहिए. शांति का मतलब यूक्रेन का आत्मसमर्पण नहीं होना चाहिए. मैक्रों ने कहा कि बिना गारंटी सीजफायर का कोई मतलब नहीं.’

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