ईरान के इस इलाके में Heat Index पहुंचा 82.2 डिग्री! यहां क्यों पड़ी इतनी गर्मी

Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Heat Index Break Record: हाल में ही दक्षिणी ईरान से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सभी को चौंका दिया है. दक्षिणी ईरान में डेरेस्टन एयरपोर्ट के पास एक मौसम केंद्र में 28 अगस्त को अबतक का सबसे ज्यादा तापमान (82.2°C यानी 180°F) दर्ज किया गया. वहीं, ओस बिंदु 97°F (36.1°C) दर्ज हुआ. इस खबर को जानने के बाद कई मौसम वैज्ञानिकों की नींद उड़ गई है. अमेरिकी मैसम विज्ञानी कॉलीन मैकार्थी ने इस तापमान को लेकर एक्स पर एक पोस्ट साझा की है. इस रीडिंग की प्रमाणिकता को लेकर अभी भी सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी अभी आधिकारिक जांच की जानी है. मैकार्थी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि “यह निर्धारित करने के लिए कि क्या ये रीडिंग सटीक हैं, एक आधिकारिक जांच पूरी करने की आवश्यकता है.”

आगे उन्होंने एक और पोस्ट साझा किया. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मुझे रीडिंग पर थोड़ा शक है, क्योंकि क्षेत्र के कई अन्य मौसम केंद्रों ने रीडिंग के समय बहुत कम ओस बिंदु की रिपोर्ट दी है, जो कि अधिकतर 80 था. मध्य पूर्व के अधिकांश हिस्सों में लू चल रही है. सऊदी अरब के धाहरन में एक मौसम केंद्र – जहां 95°F (35°C) का विश्व रिकॉर्ड ओस बिंदु दर्ज किया गया है. वहां पर हाल के दिनों में 93°F (33.9°C) तक का ओस बिंदु दर्ज किया है.

जानिए क्या है हीट इंडेक्स?

जानकारी के मुताबिक हीट इंडेक्स को 1979 में रॉबर्ट जी. स्टीडमैन द्वारा विकसित किया गया था. हीट इंडेक्स वह तापमान है जो मानव शरीर को तब महसूस होता है, जब सापेक्ष अर्द्रता को हवा के तापमान के साथ जोड़ा जाता है. हीट इंडेक्स को रंगो के माध्यम से तापमान को विभिन्न स्तरों में बांटा गया है, इसमें हरा, पीला, नारंगी और लाल रंग है.

वहीं, अमेरिका की राष्ट्रीय मौसम सेवा के द्वारा दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार डेरेस्टन एयरपोर्ट मौसम स्टेशन में 28 अगस्त को सुबह 10.30 बजे 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान पाया गया था. जो कि अधिकतम तापमान नहीं था, हालांकि, 85% की सापेक्ष आर्द्रता (Relative humidity) के साथ,  हीट इंडेक्स में तापमान, 82.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया.

हो सकती है खतरे की घंटी

ईरान में दर्ज की गई यह रीडिंग अगर जांच में सही साबित होती है तो दुनिया के लिए यह खतरे की घंटी हो सकती है. यह ग्लोबल वॉर्मिंग की ओर इशारा हो सकता है. ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण दुनिया के कई देशों में गर्मी काफी बढ़ गई है. जिस कारण लू, आग और सूखे का खतरा बढ़ रहा है. यूरोपीय देश भी अब हीटवेव की चपेट में आ रहे हैं. इन देशों में काफी गर्मी पड़ रही है.

56℃ तक पहुंचा था दिल्ली में हीट इंडेक्स

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने गर्मी की अधिक और सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए पिछले कुछ सालों में हीट इंडेक्स का प्रयोग किया है. पिछले साल मई के महीने में दिल्ली का हीट इंडेक्स 55.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था.

हीट इंडेक्स से कौन सा खतरा

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि 40-54 डिग्री सेल्सियस के हीट इंडेक्स वाले तापमान सेहत के लिए खतरनाक होता है. इस तापमान के कारण हीटस्ट्रोक हो सकता है. हीट स्ट्रोक लगने पर शरीर का तापमान एकदम से बढ़ जाता है. हीट स्ट्रोक के कारण चक्कर उल्टी आने लगती है और शरीर एकदम गर्म हो जाता है. सही समय पर इसका उपचार न होने पर दिमाग पर भी इसका असर देखने को मिलता है.

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