India-ASEAN Relations: भारत और जापान के बीच मंगलवार को टोक्यो में तीसरी अंतरिक्ष वार्ता आयोजित की गई, जिसमें दोनों देशों के अंतरिक्ष नीति से जुड़े प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया. इस दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (निषस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों) मुआनपुई सैयावी और इसरो के वैज्ञानिक सचिव एम. गणेश पिल्लई ने किया, जबकि जापानी पक्ष से विदेश मंत्रालय के सहायक मंत्री और अंतरिक्ष नीति प्रमुख साईता युकियो और राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति सचिवालय के निदेशक जनरल काजकी जुन ने नेतृत्व किया.
दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर हुई चर्चा
भारत और जापान के बीच हुए इस बैठक में दोनों देशों की अंतरिक्ष नीतियों, राष्ट्रीय अंतरिक्ष कार्यक्रमों और प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई, जिसमें इसमें अंतरिक्ष सुरक्षा, स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस (SSA), द्विपक्षीय अंतरिक्ष सहयोग, क्वाड देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग, उद्योग स्तर पर साझेदारी और वाणिज्यिक अंतरिक्ष सहयोग पर भी विचार-विमर्श शामिल है.
इंडस्ट्री सहयोग पर कार्यक्रम का हुआ आयोजन
हालांकि इससे पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 31 मार्च को जापान के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन JAXA के त्सुकुबा स्पेस सेंटर का भी दौरा किया. वहीं, दोनों देशों के बीच इस वार्ता से पहले इंडस्ट्री सहयोग पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया.
एक मंच पर आए दोनों देशों के उद्योगपति
इस कार्यक्रम के दौरान भारत के IN-SPACe और जापान के कैबिनेट ऑफिस ने मिलकर दोनों देशों के उद्योगपतियों और उद्योग संघों को एक मंच पर लाया. इस कार्यक्रम में भारतीय और जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अंतरिक्ष क्षेत्र में मिलकर काम करने के नए अवसरों पर चर्चा की.
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