India At UN: भारत एक बार फिर बना UN शांति स्थापना आयोग का सदस्य, 19 साल से वैश्विक स्थिरता में दे रहा योगदान

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

India At UN: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की आज भारत की एक अलग ही पहचान बन गई, जिसकी चर्चा पूरी दुनियाभर में हो रही है. लिहाजा एक बार फिर से भारत को 2025-2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना आयोग के सदस्य के रूप में फिर से चुना गया है. दरअसल यूएन शांति स्‍थापना आयोग में भारत का वर्तमान कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारत को 2025-2026 के लिए संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना आयोग (पीबीसी) के लिए फिर से चुना गया है.

PBC के साथ जुड़ाव रखने के लिए भारत प्रतिबंद्ध

बता दें कि पीबीसी में कुल 31 सदस्य देश हैं, जो संयुक्त राष्ट्र महासभा, सुरक्षा परिषद और आर्थिक एवं सामाजिक परिषद से चुने जाते हैं. वहीं, संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में शीर्ष वित्तीय योगदान देने वाले देश और शीर्ष सैन्य योगदान देने वाले देश भी इसके सदस्य हैं. ऐसे में भारत  संस्थापक सदस्य और संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना में प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में वैश्विक शांति और स्थिरता की दिशा में काम करने के लिए पीबीसी के साथ अपना जुड़ाव जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है.

भारत का सबसे बड़ा योगदान

संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में भारत वर्दीधारी कर्मियों के रूप में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है. संयुक्त राष्ट्र के अभियानों के अंतर्गत मौजूदा समय में भारत के करीब 6,000 सैन्य और पुलिसकर्मी अबेई, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, साइप्रस, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, लेबनान, पश्चिम एशिया, सोमालिया, दक्षिण सूडान और पश्चिमी सहारा में तैनात हैं. इसके अलावा, शांति अभियानों में लगभग 180 भारतीय शांति सैनिकों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया है, जो योगदानकर्ता के रूप में किसी अन्य देश के मुकाबले सबसे अधिक संख्या है.

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