Donald Trump के टैरिफ लगाने के फैसले की भारतवंशी सांसदों ने की आलोचना, जानिए किसने क्‍या कहा ?

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ लगाने के फैसले की भारतवंशी अमेरिकी सांसदों ने आलोचना की है. ट्रंप प्रशासन के इस फैसले को उन्होंने गैर जिम्मेदाराना और आत्मघाती करार दिया. अमेरिका और भारत दोनों देशों के नेताओं से भारतवंशी सांसदों ने अपील की कि वे बातचीत कर इस चुनौती से निपटें. राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने बुधवार को भारत पर 26 प्रतिशत का पारस्परिक टैरिफ लगाने का एलान किया है. इसका एलान करते हुएट्रंप ने कहा, भारत हम पर 52 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, तो हम उस पर उसका आधा यानी 26 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे.

‘टैरिफ लगाने से कामकाजी परिवारों पर पड़ेगा टैक्स का बोझ’

वहीं, भारतवंशी अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इसकी आलोचना करते हुए कहा, टैरिफ लगाने से कामकाजी परिवारों पर टैक्स का बोझ पड़ेगा, ताकि ट्रंप अमीरों पर लगने वाले टैक्स में कटौती कर सकें. उन्होंने कहा, ‘ये कथित मुक्ति दिवस के टैरिफ गैर-जिम्मेदाराना और आत्मघाती साबित होंगे. इससे इलिनोइस के लोगों पर आर्थिक दबाव बनेगा, जबकि वे पहले से ही आर्थिक मुश्किलों से घिरे हैं.’ उन्होंने आगे कहा, टैरिफ लगाने के चलते अमेरिका वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ जाएगा. इससे अमेरिका के सहयोगी देशों पर विपरीत असर पड़ेगा और इसके विरोधियों को फायदा होगा.

‘टैरिफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ेगा कोई सकारात्मक असर’

भारतवंशी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा, देश मंदी का शिकार हो जाए, उससे पहले अमेरिकी लोगों को ट्रंप से अपनी विनाशकारी टैरिफ नीतियों को खत्म करने की अपील करनी चाहिए. टैरिफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था या राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई सकारात्मक असर नहीं पड़ेगा. वहीं, एक अन्य भारतवंशी सांसद रो खन्ना ने कहा, ‘ट्रंप रातों-रात बिना किसी रणनीति, बिना किसी परामर्श, बिना किसी संसदीय इनपुट के टैरिफ लगाकर हमारी अर्थव्यवस्था को तबाह करने की कोशिश कर रहे हैं. इसका क्या मतलब है? कीमतें बढ़ने वाली हैं. कारों की कीमतें बढ़ रही हैं. किराने के सामान की कीमतें बढ़ रही हैं. घर की मरम्मत और घर बनाने की कीमतें बढ़ रही हैं और पूरी तरह से अनिश्चितता का माहौल है.
वहीं, भारतीय-अमेरिकी सांसद डॉ. एमी बेरा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर लिखा, ‘मैं साफ कर दूं कि ये टैरिफ अमेरिका को फिर से अमीर नहीं बनाएंगे. ये लागत आप पर डाली जाएगी- अमेरिकी उपभोक्ता पर। यह कर कटौती नहीं है. बल्कि, यह कर वृद्धि है.’ पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के सलाहकार रहे और हवाईयन/प्रशांत द्वीपसमूह आयोग के आर्थिक उपसमिति के सह-अध्यक्ष भारतवंशी अजय भुतोरिया का कहना है कि टैरिफ के चलते भारतीय वस्तुओं- जैसे कपड़ा और फार्मास्यूटिकल्स महंगे हो सकते हैं. वहीं, टैरिफ ऑटोमोबाइल, किराने का सामान, चिकित्सा आपूर्ति और अनगिनत अन्य उत्पादों की लागत बढ़ जाएगी. इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं को सालाना 2,500 से 15,000 डॉलर का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा.’
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