Indian Railways: प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को भारतीय रेलवे से जुड़े 4 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है. जिसकी कुल लागत 18,658 करोड़ रुपये है. केंद्रीय रेल और सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय कैबिनेट की ब्रीफिंग कर इसके बारे में जानकारी दी है.
उन्होंने बताया कि ये प्रोजेक्ट्स महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के 15 जिलों को कवर करेंगे. ये राज्य महाराष्ट्र, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ हैं. उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट्स के तहत 1247 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार होगा, जो चार मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स लाइन कैपेसिटी को बढ़ाएंगे.
आर्थिक विकास में मिलेगी मदद
केंद्रिय मंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य यात्रियों और सामान दोनों का निर्बाध और तेज ट्रांसपोर्टेशन सुनिश्चित करना है. इस प्रोजेक्ट्स से यात्रा सुविधा में सुधार होने के साथ ही लॉजिस्टिक्स लागत भी कम होगी, तेल आयात घटेगा और CO2 उत्सर्जन में कमी आएगी.
2030-31 तक पूरे होंगे प्रोजेक्ट्स
मंत्रालय द्वारा जारी किए गए रिपोर्ट में कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से कोयला, लौह अयस्क और दूसरे खनिजों के प्रमुख रूट्स पर लाइन कैपेसिटी बढ़ेगी, जिससे लॉजिस्टिक्स कैपेसिटी का विस्तार होगा. इसके अलावा, सप्लाई चेन स्ट्रीमलाइन होगी, जिससे तेज आर्थिक विकास में मदद मिलेगी. वहीं, इन प्रोजेक्ट्स को 2030-31 तक पूरा किया जाना है.
Union Minister Ashwini Vaishnaw holds union cabinet briefing.
Union Cabinet approves 4 projects of Ministry of Railways with total cost of Rs. 18,658 cr. Projects covering 15 districts in 3 states Maharashtra, Odisha, and Chhattisgarh will increase existing network of Indian… pic.twitter.com/DPECbGn4o6
— ANI (@ANI) April 4, 2025
ये हैं चार प्रोजेक्ट्स
- संबलपुर – जरापड़ा तीसरी और चौथी लाइन
- झारसुगुड़ा – Sason तीसरी और चौथी लाइन
- खरसिया – नया रायपुर – परमालकसा पांचवीं और छठी लाइन
- गोंदिया – बल्हारशाह डबलिंग
3350 गांवों को होगा फायदा
उन्होंने बताया कि ये प्रोजेक्ट मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान का परिणाम है, जो एकीकृत योजना के माध्यम से संभव हुआ है. यह लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेंगे. इन प्रोजेक्ट्स के साथ 19 नए स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे दो जिलों (गढ़चिरौली और राजनांदगांव) की कनेक्टिविटी बढ़ेगी. मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट लगभग 3350 गांवों और लगभग 47.25 लाख आबादी की कनेक्टिविटी को बढ़ाएंगे.
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