10 साल बाद इजरायल को मिला अपने सैनिक का शव, 2014 की जंग में हुई थी मौत

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Israel: गाजा-इजरायल सीजफायर के बीच इजरायली सुरक्षाबलों ने बताया कि हाल ही में गाजा पट्टी में एक गुप्त अभियान के दौरान उसने सैनिक स्टाफ सार्जेंट ओरोन शॉल का शव या अवशेष बरामद किए है. इजरायली सैनिक ओरोन शॉल को साल 2014 की इजराइल-हमास युद्ध में हमास ने मार दिया था. शव को बरामद करने के लिए IDF और शिन बेट सुरक्षा एजेंसी ने मिलकर अभियान चलाया था, जिसमें नौसेना की शायेत 13 कमांडो इकाई और सैन्य खुफिया निदेशालय कई खास यूनिट शामिल थी.

इजरायल लाया गया शॉल का शव

हालांकि आईडीएफ ने यह नहीं बताया कि ऑपरेशन कब हुआ या गाजा के किस हिस्से से शव को बरामद किया गया है. ओरोन शॉल के शव या अवशेष को वापस इजरायल लाया गया है. शव को अबू कबीर फोरेंसिक संस्थान पहचान के लिए भेजा गया. जांच के बाद शॉल के परिवार को सूचित किया गया.

2014 में जंग के दौरान मारे गए थे सैनिक

20 जुलाई, 2014 को युद्ध के दौरान गोलानी ब्रिगेड की 13वीं बटालियन के सैनिकों ने M-113 बख्तरबंद कार्मिक व्हीकल में गाजा शहर के शेजाया पड़ोस में दाखिल हुए. उनकी एपीसी पड़ोस की एक संकरी गली में फंस गई और इसे निकालने की कोशिश के दौरान ही हमास ने एंटी-टैंक मिसाइलों से हमला कर दिया. हमास के इस हमले में ओरोन शॉल के सा‍थ ही सात अन्य इजरायली सैनिकों की मौत हो गई थी. शॉल की मौत के बाद उसके शव हमास के लड़ाके अपने साथ लेकर चले गए थे.

दस साल पहले भी गाजा-हमास युद्ध

साल 2014 वाला जंग भी गाजावासियों के लिए काफी भयानक था. 50 दिनों तक चले इस युद्ध में करीब 2,251 फिलिस्तीनियों की जान चली गई. इसमें 1,462 नागरिक थे. इसके अलावा 66 इजराइली सैनिक और एक बच्चे समेत 5 इजरायली नागरिक भी मारे गए. कुल मिलाकर, संघर्ष के दौरान 11,231 फिलिस्तीनी घायल हुए, जिनमें 3,540 महिलाएं और 3,436 बच्चे शामिल थे. इनमें से करीब एक तिहाई बच्चों को अपनी चोटों के परिणामस्वरूप जीवन भर विकलांगता का सामना करना पड़ेगा.

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