मिस्त्र में पाकिस्तानी पीएम से मिले मोहम्मद यूनुस, 1971 के मुद्दों पर की बड़ी मांग

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Pak-Ban News: मिस्‍त्र में आयोजित डी-8 सम्‍मेलन के दौरान बांग्‍लादेश के अंतरिम सरकार के मुख्‍य सलाहकार मोहम्‍मद यूनुस ने पाकिस्‍तानी पीएम से मुलाकात की. इस दौरान मोहम्मद यूनुस ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ से 1971 के मुद्दों को सुलझाने का आग्रह किया. मोहम्‍मद यूनुस ने कहा कि 1971 दोनों देशों के रिश्ते में अड़चन की तरह है.

ऐसे में इसे सुलझाया जाए ताकि बांग्‍लादेश को पाकिस्‍तान के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सके. बता दें कि बीते चार महीनों में बांग्‍लादेश के मुखिया मोहम्‍मद यूनुस और पाकिस्‍तान के पीएम शहबाज शरीफ के बीच दूसरी मुलाकात हुई है.

1971 के मुद्दे को सुलझाने की जरूरत

टीआईओ की रिपोर्ट के मुताबिक, काहिरा में पकिस्‍तानी पीएम शरीफ से मुलाकात के दौरान यूनुस ने कहा कि साल 1974 में बांग्लादेश, पाकिस्तान और भारत से जुड़े त्रिपक्षीय समझौते से बहुत सी चीजें सुलझ गईं थी, लेकिन कुछ दूसरे मुद्दे लंबित मुद्दे हैं. हमें ऐसे मुद्दों (1971 के मुद्दे) को सुलझाने की जरूरत है. मुद्दों का समाधान आने वाली पीढ़ियों के लिए अच्छा होगा.

‘आगे बढ़ने के लिए पुराने विवाद सुलझाना जरूरी’

मोहम्‍मद यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश चाहता है कि पाकिस्तान के साथ रिश्ते आगे बढ़ें.  इसलिए पुराने विवादों का समाधान जरूरी है. हालांकि मोहम्‍मद यूनुस ने पाकिस्तान से मुक्ति संग्राम के दौरान हुई हिंसा के लिए औपचारिक माफी की डिमांड नहीं की. पूर्व पीएम शेख हसीना ने इसे द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की पूर्व शर्त के रूप में रखा था.

1971 मुद्दे पर शरीफ से साधी चुप्‍पी  

वहीं, पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने इस दौरान 1971 मुद्दे पर कुछ नहीं कहा.  उन्होंने केवल ढाका और इस्लामाबाद के बीच रणनीतिक संबंधों का आह्वान किया. शहबाज शरीफ ने यूनुस की सार्क को पुनर्जीवित करने की पहल की भी सराहना की. शरीफ ने कहा कि हम अपने भाई देश बांग्लादेश के साथ संबंधों को मजबूत बनाने के लिए बेहद उत्सुक हैं. शहबाज शरीफ ने मोहम्‍मद यूनुस को अपनी सुविधानुसार पाकिस्तान आने का भी निमंत्रण दिया.

बंगाली लोगों पर जमकर जुल्‍म ढाए थे पाक फौज

मालूम हो कि 1970-71 में जब पाकिस्‍तान से बांग्लादेश में अलग होने की लड़ाई चल रही थी, तो पाक फौज ने बंगाली लोगों पर जमकर जुल्म ढाए थे. ऐसे में बांग्लादेश में एक बड़े वर्ग की मांग रही है कि जब तक पाकिस्तान युद्धापराध के लिए माफी नहीं मांगता, तब तक रिश्ते सहज नहीं होंगे.

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