China-Myanmar Relation: म्यांमार की सेना ने चीन के रेड क्रास के राहत काफिले पर फायरिंग कर दी, जिससे बीजिंग तक हड़कंप मच गया. जानकारी के अनुसार, गोलीबारी चेतावनी के तौर पर की गई है. यह घटना ऐसे वक्त हुई जब विनाशकारी भूकंप के बाद म्यांमार में ये काफिला भूकंप से प्रभावित लोगों को खाद्य और दवाइयाँ पहुंचाने की कोशिश कर रहा था. लेकिन अब कहा जा रहा है कि ये सैन्य एक्शन दोनों देशों के रिश्तों में दरार ला सकती है. इस घटना ने म्यांमार के जारी गृह युद्ध के दौरान सहायता समूहों को होने वाले खतरों को भी उजागर कर दिया है.
इस वजह से भड़की म्यांमार की सेना
म्यांमार के सैन्य प्रवक्ता ज़ॉ मिन टुन के अनुसार, यह घटना मंगलवार देर रात हुई, जब चीनी रेड क्रॉस का काफिला बिना परमिशन के संघर्ष प्रभावित इलाके में घुस गया. सेना ने काफिले को कई बार रुकने का संकेत दिया, लेकिन जब वह नहीं रुका तो सैनिकों ने चेतावनी के तौर पर गोलियां चला दीं. सबसे बड़ी बात यह थी कि इस काफिले की आवाजाही की कोई पूर्व जानकारी न म्यांमार सरकार को थी और न ही चीनी दूतावास को.
चीन ने जताई नाराजगी
बता दें कि चीन और म्यांमार के रिश्ते पहले से ही जटिल रहे हैं. चीन, म्यांमार की सैन्य सरकार को समर्थन देता है, लेकिन हाल के सालों में चीन समर्थित विद्रोही गुटों की गतिविधियां बढ़ने से म्यांमार की सेना पहले से ही सतर्क थी. अब इस गोलीबारी के वजह से दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा हो सकता है. इस घटना पर नाराजगी जताते हुए चीन ने म्यांमार से राहत कार्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. बीजिंग इस मामले को किस हद तक ले जाएगा, यह देखना अहम होगा.
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