North Korea-Russia Relation: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक ओर जहां रूस-यूक्रेन को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयासरत है, वहीं, दूसरी ओर उत्तर कोरिया ने इस युद्ध में रूस की सहायता के लिए हाल ही में अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं. वहीं, अब अब रूस के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी भी खुद उत्तर कोरिया भी पहुंचे है.
रूसी मीडिया के मुताबिक, रूस के सुरक्षा परिषद सचिव सर्गेई शोइगु उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचे हैं, जहां वो किम जोंग उन समेत उत्तर कोरिया के कई शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. हालांकि इस दौरान दोनों देशों के बीच चर्चा का विषय क्या होगा इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. इस दौरान उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने शोइगु के नेतृत्व में एक रूसी प्रतिनिधिमंडल के आगमन की पुष्टि की है, लेकिन उनकी यात्रा के उद्देश्य को लेकर कुछ नहीं कहा है.
उत्तर कोरिया कर रहा है रूस की मदद
हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका, दक्षिण कोरिया और यूक्रेन के खुफिया अधिकारियों का कहना है कि उत्तर कोरिया रूस को भारी मात्रा में पारंपरिक हथियार मुहैया करा रहा है और पिछले साल उसने रूस को करीब 10,000 से 12,000 सैनिक भी भेजे थे. वहीं, फरवरी के अंत में भी दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी ने कहा कि उत्तर कोरिया ने रूस को अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं. इस दौरान उन्होंने भेजे गए उत्तर कोरियाई सैनिकों की संख्या करीब 1,000 से 3,000 बताई थी.
रूस को अपना समर्थन बढ़ाएगा उत्तर कोरिया
वहीं, जानकारों का मानना है कि दक्षिण कोरिया, अमेरिका और अन्य देशों को संदेह है कि उत्तर कोरिया हथियार और सैनिक मुहैया कराने के बदले में रूस से आर्थिक और सैन्य सहायता प्राप्त कर रहा है. उन्होंने ये भी कहा है कि युद्ध समाप्त होने से पहले अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए उत्तर कोरिया रूस को अपना समर्थन बढ़ाएगा.
रूस का दौरा कर सकते हैं किम
इसके अलावा, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि रूसी अधिकारी शोइगु की यात्रा किम की संभावित रूस यात्रा से संबंधित हो सकती है. दरअसल, जून 2024 में, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्योंगयांग का दौरा किया था और किम के साथ एक प्रमुख पारस्परिक रक्षा संधि पर हस्ताक्षर किए थे. उस दौरान पुतिन ने किम को मास्को आने का निमंत्रण दिया था. ऐसे में माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन भी जल्द रूस का दौरा कर सकते हैं.
इसे भी पढें:-हिंदू विरोधी टिप्पणी के खिलाफ ढाका यूनिवर्सिटी में छात्रों ने किया प्रदर्शन, यूनुस सरकार पर लगाए ये आरोप