Sunita Williams: भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के सुरक्षित धरती पर लौटने के बाद उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग उठी है. दरअसल, राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) के सांसद नदीमुल हक ने कहा कि देश को विलियम्स और बुच विल्मोर की उपलब्धियों पर गर्व है, जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर 9 महीने बिताने के बाद मार्च के अंत में पृथ्वी पर लौट आए हैं, ऐसे में सरकार को उन्हें सम्मानित करने पर विचार करना चाहिए.
इसके अलावा, उन्होंने गुजरात के एक दिवंगत भाजपा नेता को लेकर भी टिप्पणियां कीं, जिन्हें बाद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भाजपा के अन्य सदस्यों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद अध्यक्ष ने हटा दिया. सत्र की अध्यक्षता कर रहे उपसभापति हरिवंश ने कहा कि हक के भाषण से अप्रासंगिक अंश हटा दिए जाएंगे.
विलियम्स को भारत रत्न देना सबसे बड़ा जश्न
वहीं, विलियम्स (59) के लिए भारत रत्न की मांग करते हुए टीएमसी सांसद हक ने कहा कि भारत में उनकी सफलता का हमेशा जश्न मनाया जाता रहा है. “उन्हें भारत रत्न देना सबसे बड़ा जश्न होगा.” हक ने कहा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मांग की थी कि विलियम्स को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए उचित श्रद्धांजलि के रूप में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया जाए.
विलियम्स की भारतीय और गुजराती जड़ें मजबूत
उन्होंने कहा कि सुनीता विलियम्स की उपलब्धि इसरो को गौरवान्वित करेगी. हक ने कहा कि साल 2014 से पहले महान संस्थानों का निर्माण किया गया था. ऐसे में हम एक एक ऐसे महान व्यक्ति के लिए भारत रत्न की मांग करते हैं, जिसकी भारतीय और गुजराती जड़ें मजबूत हों. बता दें कि साल 2007 में भारत यात्रा के दौरान विलियम्स को सम्मानित किया गया था.
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