चीन के ‘खतरनाक’ इरादों की तारीफ करना महिला को पड़ा भारी, ताइवान ने उठाया बड़ा कदम

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Taiwan-China: ताइवान ने मंगलवार को एक चीनी महिला को वापस उसके देश भेज दिया, क्योंकि उसने चीन द्वारा ताइवान पर कब्जे की महत्वाकांक्षाओं की ऑनलाइन सराहना की थी. दरअसल, एक फुल-टाइम इन्फ्लुएंसर हैं और “Yaya in Taiwan” नाम से पोस्ट करने वाली लिउ झेन्या पर ताइवान में रहने वाले चीनी नागरिकों से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया.

आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक, इन नियमों के तहत ऐसे लोग “राष्ट्रीय या सामाजिक स्थिरता के लिए खतरा माने जाते हैं”. हालांकि चीन से जाने के कुछ मिनट पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिउ ने इन आरोपों से इनकार किया था. उन्‍होंने कहा था कि मैं ऐसा इसलिए नहीं कर रही क्योंकि मैंने कुछ गलत किया है वह “ताइवान के कानून का सम्मान करते हुए” जा रही हैं, क्योंकि उनके वकीलों ने उन्हें यही सलाह दी थी.

ताइवान में हुआ लियू का विरोध

इससे पहले लिउ ने ताइवान के सरकारी दफ्तरों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. वह एक इमिग्रेशन अधिकारी से बात करने की कोशिश कर रही थी लेकिन इसमें सफल नहीं हो पाई. इस दौरान उन्‍होंने करीब 50 लोगों ने उसकी मौजूदगी का विरोध करते हुए नारेबाजी की और उसे चीन वापस जाने के लिए कहा.

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद थी और हालात को पूरी तरह नियंत्रण में रखा. ताइवान के अधिकांश लोग चीन की धमकियों के बावजूद उसकी मांगों को नकारते हैं और अपने देश की वास्तविक स्वतंत्रता का समर्थन करते हैं.

क्‍या होगी लियू के परिवार के भविष्‍य की योजना

लिउ ने एक ताइवानी नागरिक से शादी की है और उनके तीन बच्चे हैं. वह अकेले ही विमान में सवार होती हुई दिखाई दीं. इस जोड़े ने अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा नहीं किया है. बता दें कि 2.3 करोड़ की आबादी वाले ताइवान में करीब 4 लाख चीनी महिलाएं रह रही हैं. गृह मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा फिलिपींस, इंडोनेशिया और वियतनाम से भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने ताइवान के पुरुषों से शादी की है.

क्यों है चीन-ताइवान में खटास?

बता दें कि साल 1949 में हुए गृहयुद्ध के बाद ताइवान चीन से अलग हो गया, लेकिन चीन अभी भी उसक अपना हिस्‍सा मानता है और उसे अपने नियंत्रण में लाना चाहता है, जबकि ताइवान स्वतंत्र रहना चाहता है. चीन ताइवान पर दबाव बनाने के लिए सैन्य और राजनैतिक उपायों का इस्तेमाल करता है. ताइवान के अधिकांश लोग चीन की दखलंदाजी को नकारते हैं और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा करने के पक्ष में हैं, यही वजह है कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है.

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