Tu-22M3 crash: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, यूक्रेन पर हमलें के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला रूस का एक खतरनाक सुपरसोनिक बॉम्बर जेट Tu-22M3 रात के अंधेरे में आग का गोला बन गया. देश में हुए इस हादसे ने रूस की सैन्य ताकत के लिए सवाल खड़े कर रहा है. इसके साथ ही पुतिन की रणनीतिक योजना को भी गहरा झटका लगा है.
यह विमान पुतिन के न्यूक्लियर स्ट्राइक फोर्स का हिस्सा था, जो यूक्रेन के शहरों पर कहर बरपाने के लिए तैनात था. करीब 253 करोड़ रुपये की कीमत वाला यह टुपोलेव Tu-22M3 बॉम्बर जेट इरकुत्स्क क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसका एक वीडियों भी सामने आया है. जिसमें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि कैसे विमान रात के आसमान में एक विशाल धमाके के साथ जमीन पर गिरा पड़ा.
एक पायलट की मौत
इस हादसे की पुष्टि करते हुए इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोबजेव ने बताया कि हादसे के दौरान विमान में सवार चारों पायलटों ने क्रैश से पहले इजेक्ट किया था. हालांकि, इनमें से एक पायलट की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की जान बच गई. वहीं, हादसे के बाद दुर्घटनास्थल से आग और धुएं के बड़े-बड़े गुबार उठते दिखाई दिए. यहां तक की इसके वजह से इलाके में बिजली भी गुल हो गई.
यूक्रेन युद्ध में Tu-22M3 की अहम भूमिका
बता दें कि रूस ने Tu-22M3 बॉम्बर जेट को यूक्रेन युद्ध के दौरान मारियुपोल शहर पर कालीन बमबारी में पहली बार तैनात किया था. यह विमान लगभग 7,000 किलोमीटर की दूरी तक उड़ान भर सकता है और न्यूक्लियर मिसाइल Kh-15, Kh-22 जैसे घातक हथियार ले जाने में सक्षम है. यह दो मैक (2300 किमी प्रति घंटे) से अधिक की रफ्तार से उड़ान भरने की क्षमता रखता है.
पहले भी गिर चुका है ऐसा ही विमान
हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब रूस का Tu-22M3 क्रैश हुआ हो. इससे पहले भी यूक्रेन ने इस विमान को गिराने का दावा किया था. दरअसल, एक बार यह बमवर्षक दक्षिणी रूस के स्टावरोपोल क्षेत्र में यूक्रेन पर बमबारी कर लौटते समय S-200 एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल से गिरा दिया गया था. वहीं, इन घटनाओं से रूस की सैन्य क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
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