US Tariff On China: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेंटेनाइल प्रोडक्टसन में इस्तेमाल होने वाले केमिकल के निर्माण के वजह से चीन पर लगाए गए 10 फीसदी टैरिफ को दोगुना करने की घोषणा की है. ट्रंप प्रशासन की ओर यह कदम फेंटेनाइल की तस्करी और उत्पादन को रोकने के लिए उठाया गया है.
इतना ही नहीं, ट्रंप प्रशासन ने चीन के अलावा कनाडा और मैक्सिको पर भी 4 मार्च यानी मंगलवार से टैरिफ लगाने की योजना बनाई है. गुरुवार को सोशल मीडिया पर अपने एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि फेंटेनाइल जैसी अवैध दवाओं की तस्करी संयुक्त राज्य अमेरिका में “अस्वीकार्य स्तर” पर की जा रही है और आयात कर अन्य देशों को तस्करी पर नकेल कसने के लिए मजबूर करेंगे.
अमेरिका को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि हम इस संकट को अमेरिका को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दे सकते हैं, इसलिए जब तक यह बंद नहीं हो जाता है, या गंभीर रूप से सीमित नहीं हो जाता है, प्रस्तावित टैरिफ जो 4 मार्च को लागू होने वाले हैं, वास्तव में निर्धारित समय पर लागू होंगे.”
बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए मामला
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसल से चीन में उथल पुथल मची हुई है, इसी बीच चीन के वाणिज्य मंत्री वांग वेन्ताओ ने नवनियुक्त अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर को पत्र लिखकर कहा कि इस मामले में दोनों देशों के बीच व्यापारिक मतभेदों को बातचीत और वार्ता के जरिए हल किया जाना चाहिए. चीन द्वारा यह पहल व्यापारिक तनाव को कम करने की दिशा में एक कदम है.
अमेरिकी उपभोक्ताओं पर पड़ेगा टैरिफ का प्रभाव
वहीं, अमेरिका के इस कदम को लेकर सेंटर-राइट थिंक टैंक अमेरिकन एक्शन फ़ोरम के व्यापार नीति विश्लेषक जैकब जेन्सेन का कहना है कि मेक्सिको और कनाडा पर 25% टैरिफ से अमेरिकी जनता पर सालाना 120 बिलियन डॉलर से 225 बिलियन डॉलर तक का कर भार पड़ेगा. वहीं, चीन पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ से उपभोक्ताओं को 25 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है.
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