Monsoon: UP के 40 जिलों में सूखे की आहट, बर्बादी की कगार पर किसानों की फसल

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Monsoon, IMD UP Weather Report: ‘ईश्वर की माया कहीं धूप कहीं छाया’ इस कहावत को चरितार्थ कर दिया मौसम की बेरुखी ने, बता दें कि देश में यहां एक तरफ लगातार हो रही बारिश के चलते नदियों के बढ़ते जलस्तर से आई बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है, तो वहीं देश में कुछ हिस्से ऐसे हैं जहां लोग बूंद भर बारिश को तरस रहे हैं. बारिश नहीं होने से उत्तर प्रदेश के 40 जिलों में सूखे की स्थिति है. किसानों की फसल बर्बादी की कगार पर है.

आपको बता दें कि मानसून के सीजन में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में औसत से कम बारिश हुई है. किसानों की फसल चौपट की कगार पर है. वहीं इसको लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है- “बारिश कम हो या ज्यादा, किसान चिंतित न हों क्योंकि सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है. उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों को छोड़कर ज्यादातर जिलों में पिछले वर्ष की तरह इस बार भी बारिश असामान्य है, ऐसे में किसानों की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए.”

इन जिलों में औसत से कम बारिश
दरअसल, मानसून की शुरुआत के बाद जून के पहले सप्ताह से 28 जुलाई तक उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से 40 जिलों में औसत से कम बारिश हुई है. जिसमें से ज्यादातर जिले पूर्वी उत्तर प्रदेश के हैं. भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार कौशांबी, कुशीनगर और देवरिया में लंबी अवधि के औसत की तुलना में लगभग 70 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. इसके अलावा श्रावस्ती, पीलीभीत, बस्ती, संत कबीर नगर, मिर्जापुर, चंदौली और कुछ अन्य जिलों में औसत से बहुत कम बारिश हुई है.

बारिश नहीं होने से इन जिलों में धान और मक्के फसल सूखने की कगार पर है. हालांकि बारिश की उम्मीद लगाए किसान ट्यूबेल और पंपिंग सेट से फसल की सिंचाई कर रहे हैं.

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