Emergency Anniversary: 48 साल पहले का वो ‘काला दिन’, जब थोपा गया था ‘आपातकाल’, जानिए कांग्रेस ने क्यों खुद को किया किनारे

48 Years Of Emergency: देश में आज का दिन हमेशा याद किया जाएगा. दरअसल आज ही के दिन यानि वर्ष 1975 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आपातकाल की घोषणा की थी. इसको आज भी याद किया जाता है. ठीक 48 वर्ष पहले के इस दिन को सदा याद किया जाएगा. इस विशेष दिन को बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में काला दिन मनाने की घोषणा की है. रविवार के दिन इस दिन कैसे काला दिन मनाया जाए इसको लेकर रूट मैप बीजेपी द्वारा बनाया जा चुका है.

वहीं कांग्रेस भी कहीं न कहीं इस दिन को याद नहीं करना चाहती, लेकिन इतिहास के काले पन्नों में ये दिन कांग्रेस पार्टी के नाम दर्ज है. जिससे वो कभी भी पीछा नहीं छुड़ा सकती. इसी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीएम से लेकर डिप्टी सीएम और सांसद से लेकर विधायक स्तर के नेता और कार्यकर्ता आज प्रदेश में जगह-जगह बैठक करने वाले हैं. इसी के मद्देनज़र सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करेंगे.

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क्यों लगा था आपताकाल

लोगों के जहन में ये भी सवाल है कि आखिर वो कौन सा कारण था जिस वजह से तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने ये कदम उठाया था. दरअसल, कथित 12 जून 1975 का वो दिन था जब एक मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि इंदिरा ने लोकसभा चुनाव में गलत तौर-तरीके अपनाए. उसके बाद वो दोषी करार दी गईं. बस क्या था इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द कर दिया गया. ऐसे में बहुत लोग मानते हैं कि सत्ता जाने के डर से इंदिरा ने इमरजेंसी का एलान कर दिया. हालांकि इंदिरा गांधी ने ऐसा क्यों कि किया इसकी ठोस जानकारी नहीं दे पाते हैं.

आपातकाल के बाद नागरिकों के मौलिक अधिकारों को खत्म कर दिया गया. न्यायपालिका की शक्ति को सीमित कर दिया गया. हड़तालों और आंदलनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया और विपक्षी नेताओं को जेलों में ठूंसा गया. प्रेस की स्वतंत्रता छीन ली गई. चुनाव स्थगित हो गए. इंदिरा गांधी के राजनीतिक विरोधियों को कैद कर लिया गया. प्रधानमंत्री के बेटे संजय गांधी के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर पुरुष नसबंदी अभियान चलाया गया.

उल्लेखनीय है आजादी के बाद से अभी तक देश में कुल तीन आपातकाल लगाए जा चुके हैं. जिसमें सबसे पहला आपातकाल तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में लगा. ये आपातकाल लगने का कारण 1962 का युद्ध (भारत-चीन युद्ध) था. उसके बाद दूसरा आपातकाल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व में 1971 में लगाया गया. इसके लगने का कारण भी युद्ध ही था. (भारत-पाकिस्तान युद्ध जिसके बाद बांग्लादेश बना) व तीसरा और अंतिम आपातकाल भी तत्कालीन इंदिरा गांधी की सरकार में ही लगा. 1975 के आंतरिक अशांति (फखरुद्दीन अली अहमद द्वारा घोषित) में भारत में ऐसी आपात स्थिति घोषित की गई थी.

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